बिहार के सरकारी स्कूलों में 'हाफ-डे' लागू, सम्राट सरकार का आदेश
Half-day in Government School: अब शनिवार को सुबह 9:30 बजे से केवल दोपहर 1 बजे तक ही कक्षाएं चलेंगी. शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के शैक्षणिक कार्यों को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं.

बिहार के सरकारी स्कूलों की समय-सारणी में बड़ा बदलाव किया गया है. शिक्षा विभाग के माध्यमिक शिक्षा कार्यालय ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में आंशिक संशोधन करते हुए शनिवार को 'हाफ डे' (आधे दिन की पढ़ाई) की व्यवस्था लागू कर दी है. इस संबंध में आज (गुरुवार) माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सज्जन आर के हस्ताक्षर से आदेश जारी हो गया है.
विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार 12 दिसंबर 2025 को निर्गत पूर्व आदेश में संशोधन किया गया है. नए नियम के तहत अब सोमवार से शुक्रवार तक विद्यालय पूर्व की भांति सुबह 9:30 बजे से अपराह्न 4 बजे तक संचालित होंगे, जबकि शनिवार को सुबह 9:30 बजे से केवल दोपहर 1 बजे तक ही कक्षाएं चलेंगी.
प्राथमिक व मध्य विद्यालयों (वर्ग 1 से 8) में शनिवार को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक कक्षाएं और पूर्व निर्धारित गतिविधियां होंगी. इसके बाद 12 बजे से 12:40 बजे तक बच्चों को मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) दिया जाएगा, जिसके तुरंत बाद छात्र-छात्राओं की छुट्टी कर दी जाएगी.
वहीं माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों (कक्षा 9 से 12) में दोपहर 1 बजे तक अध्यापन एवं अन्य गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिसके बाद विद्यार्थियों को छुट्टी दी जाएगी.
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शिक्षकों के लिए भी आदेश जारी
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के शैक्षणिक कार्यों को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. आदेश के तहत शिक्षकों को प्रतिदिन कक्षा अवधि के क्रम में एक घंटा अतिरिक्त कार्य करना होगा. इस दौरान शिक्षक अगले दिन एवं पूरे सप्ताह के लिए पाठ योजना (Lesson Plan) तैयार करेंगे, मूल्यांकन कार्य निपटाएंगे, शिक्षक डायरी अद्यतन करेंगे, छात्रों के गृह कार्य (Homework) की जांच करेंगे तथा प्रयोगशाला प्रबंधन जैसे कार्य संभालेंगे. यह शैक्षणिक कार्य या रेमेडियल क्लासेस पूरी करने के बाद ही शिक्षक विद्यालय से प्रस्थान कर सकेंगे. विभाग ने स्पष्ट किया है कि शेष शर्तें यथावत रहेंगी.
बिहार शिक्षा विभाग के इस फैसले से शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में काफी उत्साह और खुशी का माहौल है. शनिवार को 'हाफ डे' होने से एक ओर जहां छोटे बच्चों और छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से राहत मिलेगी और सप्ताह के अंत में खुद को तरोताजा करने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को भी अगले सप्ताह के अध्यापन और मूल्यांकन (Lesson Plan & Homework) से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित करने का बेहतर समय मिल सकेगा.
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