पटना पुस्तक मेले में उठेंगे Gen-Z के मुद्दे, पहली बार बनेगा यूथ पोडियम
सीआरडी पटना पुस्तक मेला के अध्यक्ष एवं चर्चित साहित्यकार रत्नेश्वर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार के पुस्तक मेला में 100 से ज्यादा प्रकाशन का स्टास होगा

बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में 4 से 15 दिसंबर तक 42वें सीआरडी पटना पुस्तक मेले का आयोजन होने वाला है. भारत के तीन सबसे बड़े पुस्तक मेलों में शामिल यह आयोजन साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक उत्सव के रूप में जाना जाता है. लेकिन इस बार का पुस्तक मेला युवाओं के लिए खास होने वाला है. हाल के दिनों में जेन-जी काफी चर्चा में रही है और युवाओं के आंदोलन ने देशभर में ध्यान आकर्षित किया है.
इस बार पुस्तक मेले में 'यूथ पोडियम' लगाने की तैयारी की जा रही है. इसमें विशेष रूप से युवाओं के बैठने और देश के राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक हालात पर चर्चा करने की व्यवस्था होगी. निश्चित तौर पर इस कार्यक्रम के जरिए एक बार फिर पुस्तक मेले में युवाओं का जोश देखने को मिल सकता है.
पुस्तक मेला लोककवि सत्यनारायण को समर्पित
सीआरडी पटना पुस्तक मेले के अध्यक्ष एवं चर्चित साहित्यकार रत्नेश्वर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार पुस्तक मेले में 100 से अधिक प्रकाशकों के स्टॉल होंगे, जबकि कुल मिलाकर करीब 250 स्टॉल रहेंगे, जिनकी बुकिंग हो चुकी है. यदि स्टॉल की मांग और बढ़ती है, तो उसी के अनुसार अतिरिक्त स्टॉल बनाए जाएंगे. इस बार पटना पुस्तक मेला लोककवि सत्यनारायण को समर्पित होगा.
उन्होंने बताया कि यूथ पोडियम के अलावा पटना पुस्तक मेले में इस बार 350 से अधिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे. इनमें चिट्ठियां, शब्दांकुर, काव्यकथा, हुनर, कवि सम्मेलन, ज्ञान-रोजगार, युवा स्वर, स्वास्थ्य-संवाद, नई किताब, सिनेमा-उनेमा, कला दीर्घा, जनसंवाद, कथा पाटलिपुत्र, नुक्कड़ के रंग, कोचिंग मास्टर, स्कूल उत्सव, स्वाद विहार और बिहार संवादी आदि प्रमुख कार्यक्रम होंगे.
इस बार युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम 'चिट्ठियां' रखा गया है. इसमें कुछ ऐसी चिट्ठियां पढ़ी जाएंगी, जो लिखी गईं, पढ़ी गईं, लेकिन कभी भुलाई नहीं जा सकीं.
युवाओं को ध्यान में रखते हुए उत्कर्ष आनंद के संयोजन में 'शब्दांकुर' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. इसके अंतर्गत युवा अपनी कविता, कहानी और व्यंग्य रचनाएं सुनाएंगे. इनमें से चयनित रचनाकार को 'शब्दांकुर पुरस्कार' दिया जाएगा. चयन प्रक्रिया में तीन निर्णायक होंगे और दर्शकों की राय जानने के लिए ऑडियंस पोल भी कराया जाएगा.
रत्नेश्वर ने बताया कि इस बार 70 से अधिक स्कूलों के करीब पांच हजार बच्चे पुस्तक मेले में शामिल होंगे. स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए 'हुनर' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
अंजनी धर के संयोजन में प्रत्येक दिन विविध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. इनमें कहानी लेखन, माइम शो, वेस्ट क्राफ्ट, सेल्फी चैलेंज, कलर लस्ट, ब्रेन ड्रेन और जैम गेम आदि प्रमुख हैं.
'सिनेमा-उनेमा' फिल्म फेस्टिवल के लिए एक सिनेमा हॉल का निर्माण किया जाएगा. कुमार रविकांत के संयोजन में प्रत्येक दिन फीचर फिल्में, शॉर्ट फिल्में और वृत्तचित्र दिखाए जाएंगे. इसके साथ ही प्रतिदिन सिनेमा से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद आयोजित होंगे, जिनमें देशभर के सिने कलाकार और विशेषज्ञ भाग लेंगे. आम लोग भी उनसे सीधे संवाद कर सकेंगे.
कई प्रमुख प्रकाशक भाग लेंगे
इस बार सीआरडी पटना पुस्तक मेले में प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, ज्ञानपीठ, उपकार प्रकाशन, हिंद युग्म, प्रकाशन संस्थान, दिनकर पुस्तकालय, सम्यक प्रकाशन, ओसवाल बुक्स एंड लर्निंग, ओसवाल प्रिंटर्स, एनसीपीयूएल, रेख्ता फाउंडेशन, इमारत-ए-शरिया, साहित्य अकादमी, एडुटेरिया, इनविंसिबल और एमटीजी बुक्स सहित कई प्रमुख प्रकाशक भाग लेंगे.
दो बातें प्रकाशन से पहले जांच लें: मूल पाठ में लोककवि सत्यनारायण की एक रचना का नाम अस्पष्ट था, इसलिए उसे हटाया गया है. इसी तरह पांच हजार बच्चों के संबंध में लिखा गया '10 किलो में आएंगे' वाक्य अस्पष्ट था, इसलिए केवल उनकी भागीदारी का उल्लेख रखा गया है. साथ ही 42वें आयोजन, तारीखों और प्रकाशकों की भागीदारी की स्वतंत्र तथ्य-जांच नहीं की गई है.






















