भरत तिवारी एनकाउंटर पर देवकीनंदन ठाकुर ने कह दी बड़ी बात, 'युवा था, वो 10 साल पहले…'
Bharat Bhushan Tiwari Encounter Case: देवकीनंदन ठाकुर ने जवाब मांगा है कि क्या उसकी मां का बेटा वापस ला सकेंगे? उसकी मां के पास बैठ सकेंगे? उन्होंने कहा कि गरीबों को कहीं न्याय नहीं मिलता है.

भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी (Bharat Bhushan Tiwari) के एनकाउंटर मामले पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर (Devkinandan Thakur) की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना बयान जारी करते हुए इस पूरे मामले कई सारे सवाल उठाए. एनकाउंटर की इस घटना पर उन्होंने दुख जताया और न्याय की बात कही.
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, "आज मन बहुत अशांत है… दुखी है, समाज में संवेदनाएं समाप्त होती जा रही हैं. मैं बात कर रहा हूं भरत तिवारी की… भरत का जो विषय है हम सब जानते हैं… भरत युवा था… वो 10 साल पहले अपना पिंडदान कर चुका था कि मैं समाज की सेवा करूंगा."
'गरीबों को कहीं न्याय नहीं मिलता'
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, "एक तरफ हम लोग चाहते हैं कि समाज में अच्छे लोग हों, दूसरे के दुख-दर्द को समझे, और अगर दूसरे के दुख-दर्द को समझने की कोई बात कर रहा है तो कौन सुनेगा? हम नहीं जानते प्रशासन में क्या हो रहा है, कोर्ट में क्या हो रहा है, मुझे समझ नहीं है, मुझे बुरा बोलने से पहले एक बार सोचना… ईमानदारी से बताओ शासन-प्रशासन जो भी है… जो ये दावा कर रहे हैं कि न्याय करेंगे ईमानदारी से बताओ वहां क्या हो रहा है… गरीबों को कहीं न्याय नहीं मिलता है…"
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'मां का बेटा वापस ला सकेंगे?'
देवकीनंदन ठाकुर ने पुलिस-प्रशासन से कहा कि अगर आपने गलत किया है, चाहे जो भी हो गलत करने वाला, एक बार अपने दिल पर हाथ रखकर जवाब दीजिए कि क्या उसकी मां का बेटा वापस ला सकेंगे? उसकी मां के पास बैठ सकेंगे? उसकी मां की आंखों में आंख डाल पाएंगे? बहुत बद्दुआ दे रही है. ये ठीक नहीं हुआ है. न्याय मिलना चाहिए और समाज में संवेदना जगनी चाहिए. इसके साथ देवकीनंद ने और भी काफी कुछ कहा.
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