पटना में नौकरी की मांग कर रहे BPSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, पुलिस के लाठीचार्ज में कई छात्रों को आई चोट
Patna Student Protest: पटना में बीपीएसी अभ्यर्थी नौकरी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे हैं. उनका कहना है कि दो साल से रिक्ति के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन समय बढ़ता जा रहा है.

पटना से छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प की खबर आ रही है. यहां बीपीएससी में टी4 पद की अधिसूचना जारी करने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन चल रहा था. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया. इस प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें चोटें आई हैं.
बताया जा रहा है कि ये छात्र 2 साल से इस रिक्ति की अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं और विलंब की अवधि में छूट के साथ इसे तुरंत जारी करने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई की आलोचना की और समाज में शिक्षकों के महत्व पर जोर दिया.
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'शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, छात्रों को मारा गया'- अभ्यर्थी
BPSC TRE-4 के प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों में से एक सुमित कुमार ने बताया कि वह शांतिपूर्व यहां इकट्ठा हुए थे, पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया. बहुत से छात्रों को चोट लगी है, लड़कियों को भी मारा गया है. हम बस ये चाहते हैं कि TRE4 का नोटिफिकेशन जल्द से जल्द जारी हो. दो साल से सरकार हमें इधर से उधर घुमा रही है. हमारी बस इतनी ही मांग है कि भर्ती जल्द शुरू की जाए.
अभी और एग्जाम लेने की बात पर भड़के छात्र
एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि दो साल से वेकेंसी को लटका कर रखा गया है. आज जब नौकरी देने की बारी आई तो कहा जा रहा है कि पीटी मेन्स और लेंगे. जब यहां आंदोलन करने के लिए आए तो पुलिस लाठीचार्ज करने लगी.
'कर्ज लेकर पढ़ाई की, उम्र की पात्रता खत्म हो रही'
एक और महिला अभ्यर्थी सोहम कुमारी ने भावुक होकर कहा कि उन्हें दो साल से बरगलाया जा रहा है कि आज भर्ती देंगे, कल भर्ती देंगे. जिसकी उम्र निकल रही है वह क्या करेगा? B.Ed पढ़ने के लिए लोगों ने कर्जा लिया हुआ है. घर और जेवर बेचकर यहां छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. ये लोग लाठी तो चला रहे हैं, लेकिन क्या उम्र की सीमा में ढील देंगे?
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि शिक्षक समाज का निर्माता होता है, उनपर लाठी कैसे चलाई जा सकती है? हम बस यह मांग कर रहे हैं कि नोटिफिकेशन जारी करने में दो साल की देरी हो चुकी है इसलिए जिन कैंडिडेट्स की उम्र पार हो गई है, उन्हें भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए.
नौकरी की मांग पर लाठी खा रहे अभ्यर्थियों का सवाल है कि 6-6 परीक्षा दिए, बीएड का एंट्रेंस पास किए, ग्रेजुएशन किए, मास्टर्स की डिग्री लिए. हमारी वैल्यू क्यों नहीं है?
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