एक्सप्लोरर

Explained: पूरे भारत पर छाया मानसून! लेकिन मौसम विभाग ने बादल छंटने की दी चेतावनी, बारिश की आंख मिचौली क्यों?

Monsoon 2026: IMD का कहना है कि 14% का घाटा अभी 'नॉर्मल' कैटेगरी में है. लेकिन अगले दो हफ्तों में बारिश कम होने से यह घाटा फिर से बढ़ सकता है. हालांकि, जुलाई के आखिर में फिर से बारिश की उम्मीद है.

9 जुलाई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे देश को कवर कर लिया. यह तारीख 8 जुलाई से सिर्फ एक दिन देरी से आई. यह 2021 के बाद से मानसून का सबसे धीमा विस्तार था, जब यह 13 जुलाई को पूरे देश में पहुंचा था. लेकिन इस खबर के साथ एक चेतावनी भी आई है. IMD ने कहा कि मानसून की सक्रिय अवधि अब खत्म हो रही है और 15 जुलाई से बारिश फिर से कम हो जाएगी. आखिर बारिश कम क्यों हो जाएगी और आगे क्या होगा...

मानसून ने पूरा देश कब और कैसे कवर किया?

मानसून ने इस साल 4 जून को केरल में एंट्री की यानी 1 जून से तीन दिन देरी से. इसके बाद लगभग दो हफ्तों तक मानसून की रफ्तार बेहद धीमी रही. जून 2026 126 सालों में पांचवां सबसे सूखा जून रहा. 1 से 30 जून के बीच देश में सिर्फ 99.5 मिमी बारिश हुई, यानी सामान्य से 40% कम. लेकिन जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून ने जोरदार वापसी की. 1 से 8 जुलाई के बीच देश में सामान्य से 42% ज्यादा बारिश हुई. इसी तेज रफ्तार में मानसून ने 9 जुलाई को राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर कर पूरे देश में अपना विस्तार पूरा किया.

2021 के बाद यह सबसे धीमा विस्तार था, लेकिन ऐतिहासिक तौर पर यह असामान्य नहीं है. 1971 के बाद से मानसून ने देश को 16 जून (2013) से 15 अगस्त (2002) के बीच कभी भी कवर किया है.

कितनी बारिश हुई और घाटा कितना कम हुआ?

1 जून से 9 जुलाई के बीच देश में कुल 205 मिमी बारिश हुई. जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 233.1 मिमी है. यानी 9 जुलाई तक देश में 14% बारिश की कमी (deficit) थी. तुलना के लिए देखें तो कितना सुधार हुआ:

तारीख बारिश का घाटा
30 जून 40%
7 जुलाई 17%
9 जुलाई 14%

मतलब महज 9 दिनों में बारिश का घाटा 40% से घटकर 14% हो गया. हालांकि, इलाकाई बंटवारा बहुत असमान रहा है:

  • पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: 38% की कमी
  • बिहार: 53% कमी
  • झारखंड: 43% कमी
  • पंजाब: 37% कमी
  • उत्तर प्रदेश: 27% कमी
  • दक्षिण प्रायद्वीप: 15% कमी
  • उत्तर-पश्चिम: 9% कमी

इसके उलट, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में 3% ज्यादा बारिश हुई.

IMD ने क्या चेतावनी दी है?

सबसे बड़ी खबर यह है कि मानसून की सक्रिय अवधि अब खत्म हो रही है. IMD के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने साफ कहा, 'सक्रिय चरण अब खत्म हो गया है. 10 जुलाई से बारिश धीरे-धीरे कम होगी और अगले दो हफ्तों तक ऐसा ही रहेगा.'

IMD के वैज्ञानिक और क्लाइमेट मॉनिटरिंग ग्रुप के प्रमुख ओपी श्रीजीत ने भी यही बात दोहराई, 'मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर शिफ्ट होने से 10 जुलाई से बारिश की गतिविधि कम होने लगेगी. हम 15 जुलाई से देश में सामान्य से कम बारिश की उम्मीद कर सकते हैं.'

किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर होगा?

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अगले 5-7 दिनों तक बारिश बहुत कम होगी. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहेगी.

IMD ने जुलाई 2026 के लिए सामान्य से कम (94% से कम) बारिश का पूर्वानुमान पहले ही लगा दिया था. पूरे मानसून सीजन (जून-सितंबर) के लिए IMD ने सामान्य का 90% बारिश होने का अनुमान लगाया है, जो अल नीनो की वजह से है.

क्या बारिश का 14% घाटा खतरनाक है?

14% का घाटा IMD के 'सामान्य' वर्गीकरण में आता है. IMD के मुताबिक, सामान्य से 19% कम से 19% ज्यादा बारिश को 'सामान्य' माना जाता है. हालांकि, अगर बारिश 20% से 59% कम हो जाए, तो उसे 'डेफिशिएंट' कहा जाता है. अगर 60% या उससे ज्यादा कमी हो, तो वह 'स्कैंटी' कैटेगरी में आता है.

मौसम विज्ञानी सूखा तब घोषित होता है जब किसी इलाके में मौसमी बारिश सामान्य के 75% से कम हो जाए. उसे आगे दो कैटेगरी में बांटा गया है:

  • मध्यम सूखा: 26% से 50% कमी
  • गंभीर सूखा: 50% से ज्यादा कमी

खरीफ फसलों पर क्या असर पड़ा है?

मानसून की देरी और जून में सूखे का सीधा असर खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ा है.

  • अब तक 350.85 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई है
  • पिछले साल की तुलना में 91.95 लाख हेक्टेयर कम बुआई
  • सबसे ज्यादा प्रभावित सोयाबीन और कपास हुई हैं

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसानों को कम पानी वाली फसलें मक्का, बाजरा और मूंग बोने की सलाह दी गई है. सरकार ने 1.75 लाख क्विंटल का राष्ट्रीय बीज भंडार तैयार किया है. 262 संवेदनशील जिलों पर नजर रखी जा रही है.

2021 के बाद सबसे धीमा मानसून क्यों?

इस साल देरी की तीन बड़ी वजहें थीं:

  • कमजोर क्रॉस-इक्वेटोरियल हवाएं, जो मानसून को खींचकर लाती हैं
  • सुस्त मानसून ट्रफ, जो बारिश के लिए जरूरी है
  • मजबूत अल नीनो, जो मानसून को कमजोर करता है

IMD का कहना है कि 10 जुलाई से बारिश घटेगी और 15 जुलाई से सामान्य से कम हो जाएगी. इसका मतलब:

  • जहां एक हफ्ते में 40% से 14% घाटा कम हुआ, वहीं अगले दो हफ्तों में बारिश कम होने से यह घाटा फिर से बढ़ सकता है.
  • खरीफ फसलों के लिए यह चुनौती होगी, खासकर उन इलाकों में जहां पहले से ही कम बारिश हुई है.
  • जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल से कम है.
  • S & P ग्लोबल रेटिंग्स ने चेतावनी दी है कि कमजोर मानसून से ग्रामीण मांग, कृषि आय और महंगाई पर असर पड़ सकता है.

हालांकि, एक उम्मीद की किरण यह है कि जुलाई के आखिर में फिर से बारिश होने की संभावना है.

मौसम की असली तस्वीर क्या है?

  • अच्छी खबर: 9 जुलाई तक मानसून ने पूरा देश कवर कर लिया. एक हफ्ते में 40% से 14% घाटा कम हुआ. मध्य भारत में अच्छी बारिश हुई.
  • चिंता वाली खबर: 10 जुलाई से बारिश घट रही है. 15 जुलाई से 'सामान्य से कम' बारिश होने की उम्मीद है. पूर्वी भारत में 38% की कमी बनी हुई है. खरीफ बुआई 92 लाख हेक्टेयर कम है. अल नीनो का खतरा अभी बरकरार है.

IMD का कहना है कि 14% का घाटा अभी 'सामान्य' कैटेगरी में है, लेकिन अगले दो हफ्तों में बारिश कम होने से यह घाटा फिर से बढ़ सकता है.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

DMK और NCP (SP) के विरोध के बीच FCRA बिल पर बढ़ा सस्पेंस, BAC बैठक पर नजरें
DMK और NCP (SP) के विरोध के बीच FCRA बिल पर बढ़ा सस्पेंस, BAC बैठक पर नजरें
'इलाज का हर किसी को अधिकार', सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को दी बड़ी राहत
'इलाज का हर किसी को अधिकार', सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को दी बड़ी राहत
Parliament Monsoon Session LIVE: 'सरकार छात्र आंदोलन पर चर्चा के लिए तैयार', लोकसभा में बोले रिजिजू
LIVE: 'सरकार छात्र आंदोलन पर चर्चा के लिए तैयार', लोकसभा में बोले रिजिजू
गुरमीत राम रहीम केस: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, 'हम जानते हैं कि राज्य सरकार...'
गुरमीत राम रहीम केस: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, 'हम जानते हैं कि राज्य सरकार...'
Advertisement

वीडियोज

Kanwar Yatra 2026: बुर्के में कांवड़, मुस्लिम महिला और हिंदू पति! नोटिस के बाद भी नहीं रुकी तमन्ना !
Assam Flood Crisis: असम में बाढ़ का तांडव, 98 मौतें, समय रैनाने भेजे 10 लाख, अब CM वापस लेंगे FIR?
Sansani: बेवफा बीवी की तेजाबी साजिश
Romana Isar Khan | Janhit: मीटिंग-मीटिंग की 'सेटिंग' से संदेह बढ़ा? | Jharkhand Student Protest
Bareilly Ke Bacchan: 😯Sangam की बल्लेबाज़ी और ससुर की गेंदबाजी, पहली गेंद पर टूटा बैट छूटी हंसी #sbs
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
गुरमीत राम रहीम केस: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, 'हम जानते हैं कि राज्य सरकार...'
गुरमीत राम रहीम केस: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, 'हम जानते हैं कि राज्य सरकार...'
'आओ न डरो मत, राहुल गांधी बस थोड़ी सी धुलाई करेंगे', संजय राउत ने PM मोदी पर साधा निशाना
'आओ न डरो मत, राहुल गांधी बस थोड़ी सी धुलाई करेंगे', संजय राउत ने PM मोदी पर साधा निशाना
जहीर खान की सेलेक्टर्स को 2 टूक, कहा- मोहम्मद शमी जरूर खेले वर्ल्ड कप
जहीर खान की सेलेक्टर्स को 2 टूक, कहा- मोहम्मद शमी जरूर खेले वर्ल्ड कप
AR Rahmaan के बेटे ए आर अमीन की गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट, बाल-बाल बची जान
ए आर रहमान के बेटे ए आर अमीन की गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट, बाल-बाल बची जान
कर्नाटक कैबिनेट पर बवाल, संकट में डीके शिवकुमार फिर करेंगे फेरबदल?
कर्नाटक कैबिनेट पर बवाल, संकट में डीके शिवकुमार फिर करेंगे फेरबदल?
'पाकिस्तानी ने कहा नरेंद्र नाम से नफरत', बॉक्सर की बात सुन हंस पड़े PM मोदी
'पाकिस्तानी ने कहा नरेंद्र नाम से नफरत', बॉक्सर की बात सुन हंस पड़े PM मोदी
Relationship Possessiveness: रिश्ता होते ही क्यों पजेसिव हो जाती हैं लड़कियां, समझिए इसका साइंस
रिश्ता होते ही क्यों पजेसिव हो जाती हैं लड़कियां, समझिए इसका साइंस
How to Control Brinjal Pests: बैंगन में कीड़े लग रहे हैं? घर पर ही बनाएं इसकी दवा
बैंगन में कीड़े लग रहे हैं? घर पर ही बनाएं इसकी दवा
Embed widget