'अपनी मां-बहन या...', महिला आरक्षण को लेकर डिप्टी CM बिजेंद्र प्रसाद यादव ने तेजस्वी को घेरा
Women Reservation Bill: बिहार के डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने आरजेडी नेता तेजस्वी पर हमला बोलते हुए कहा कि आरक्षण आम लोगों के फायदे के लिए है, न कि सिर्फ अपने परिवारों के लिए है.

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के महिला आरक्षण विधेयक पर दिए गए बयान पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वो अपनी मां, बहन या परिवार के किसी सदस्य को विधायक, सांसद या मुख्यमंत्री बना दिया तो क्या यह महिला आरक्षण हो गया? परिवारवाद और आरक्षण में बहुत बड़ा अंतर है.
डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा, ''आरक्षण आम लोगों के फायदे के लिए है, न कि सिर्फ परिवारों के लिए है. अगर केवल परिवार के सदस्यों को ही लाभ मिलता है, तो वह वास्तविक आरक्षण नहीं है. इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री बनाया गया था, कांग्रेस ने महिला आरक्षण दिया था. जिसका मां और बाप मुख्यमंत्री हो और बेटा पढ़ा लिखा न हो, ऐसे लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है."
Patna, Bihar: On Bihar RJD leader Tejashwi Yadav's statement on Women's Reservation Bill, Deputy CM Bijendra Prasad Yadav says, "...If someone makes their mother, sister, or family members MLA, MP, or Chief Minister, it becomes women’s reservation. But there is a big difference… pic.twitter.com/KsqkQM4E8G
— IANS (@ians_india) April 20, 2026
'बहुमत के बल पर जनभावना का गला नहीं घोंट सकते'
बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा था कि महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में संविधान बदलने के गलत इरादे से लाए गए संविधान संशोधन बिल का लोकसभा में गिरना प्रमाणित करता है कि बहुमत के बल पर आप जनभावना का गला घोंट, संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार कर, परिसीमन के नाम पर विपक्षी दलों के अधिकारों और क्षेत्रीय संतुलन को नहीं बिगाड़ सकते.
महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं- तेजस्वी यादव
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ये भी कहा, ''विपक्ष की चट्टानी एकता ने फिर यह साबित कर दिया कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों, परंपराओं, जनतांत्रिक संरचना, संविधान और दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक वर्गों की महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.''
बता दें कि शुक्रवार (17 अप्रैल) को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के समर्थन में 298 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट दिया. विधेयक को पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 मतों की जरूरत थी. विधेयक में 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने हेतु लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया गया था.
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