बिहार टेंडर घोटाला: IAS धर्मेंद्र कुमार से 6 घंटे पूछताछ, रिशु श्री से कनेक्शन पर सवाल
बिहार के कथित टेंडर घोटाले में ED ने IAS धर्मेंद्र कुमार से छह घंटे पूछताछ की. जांच रिशु श्री से कथित संबंधों, विदेश यात्रा और सरकारी टेंडरों में अनियमितताओं पर केंद्रित है.

बिहार में कथित टेंडर घोटाले की जांच तेज हो गई है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार(28 अक्टूबर) को 2013 बैच के IAS अधिकारी धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ की. वह पटना स्थित ED कार्यालय पहुंचे थे. पूछताछ सुबह 11 बजे शुरू हुई और शाम करीब 5 बजे तक चली. जांच एजेंसी ने ठेकेदार रिशु श्री से उनके कथित निजी और वित्तीय संबंधों को लेकर सवाल किए. सूत्रों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर धर्मेंद्र कुमार को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.
धर्मेंद्र कुमार फिलहाल बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष हैं. सूत्रों के अनुसार, ED ने उनसे पूछा कि रिशु श्री से उनकी जान-पहचान कैसे हुई और दोनों के बीच किस तरह के संबंध थे. अधिकारी पर रिशु श्री के खर्च पर परिवार के साथ विदेश यात्रा करने का आरोप भी बताया जा रहा है. जांच एजेंसी कथित संबंधों और लेन-देन की पड़ताल कर रही है.
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छह IAS अधिकारियों को भेजा गया समन
इस मामले में ED ने बिहार के छह IAS अधिकारियों को समन भेजा है. इनमें आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव शामिल हैं. इससे पहले सोमवार को अभिलाषा कुमारी शर्मा और मंगलवार को सुनील यादव से पूछताछ हुई थी. सुनील यादव से करीब साढ़े सात घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे. योगेश कुमार सागर ने पूछताछ के लिए अगले सप्ताह का समय मांगा था.
टेंडर में कथित अनियमितताओं की जांच
ED की जांच का मुख्य केंद्र सरकारी टेंडरों में कथित गड़बड़ी और रिशु श्री के अधिकारियों से संबंध हैं. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने में किसी अधिकारी की भूमिका थी या नहीं. मामले में अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है.
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद बढ़ी हलचल
रिशु श्री की जमानत याचिका पर 15 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बड़े अधिकारियों की भूमिका और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे. इसके बाद मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर ध्यान बढ़ा है. हालांकि, जांच अभी जारी है और किसी अधिकारी की संलिप्तता अंतिम रूप से साबित नहीं हुई है.
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