बिहार में फर्जी हाजिरी का खुलासा, स्कूल से नहीं घर से 'प्रेजेंट' लगा रहे थे शिक्षक
Bihar Fake Attendance Scam: बिहार के बांका में एक मामले से शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां शिक्षक घर रहते हुए भी स्कूल के ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर हाजिरी लगा रहे थे.

जब शिक्षक ही अपने कर्तव्यों को लेकर जिम्मेदार न हो तो वो भला बच्चों को क्या सीख देगा? बिहार के बांका जिले में कुछ ऐसा ही हो रहा था. यहां एक ऐसा मामला सामने आया है कि जिसने यहां की शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां शिक्षक घर रहते हुए भी स्कूल के ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर हाजिरी लगा रहे थे. जब शिक्षा विभाग को यह जानकारी हुई को विभाग में हड़कंप मच गया. अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से हाजिरी बनाने में हो रही धांधली को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय (ई-शिक्षाकोष कोषांग) द्वारा मंगलवार को जारी चार अलग-अलग कार्यालय आदेशों के अनुसार, समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई शिक्षक जिले की भौगोलिक सीमा से बाहर होने के बावजूद पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे. विभाग ने इसे फर्जी और मनमाना तरीका करार देते हुए कुल 9 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है.
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शिक्षकों को नोटिस भेजकर मांगा जवाब
इन शिक्षकों में शंभूगंज के शेखर कुमार और अनुराग कुमार, चांदन के कुणाल कुमार चौधरी, दिवाकर कुमार और मनीषा कुमारी, कटोरिया के संजय कुमार और रेखा कुमारी, बौंसी की पूजा कुमारी तथा फुल्लीडुमर के अंतेश कुमार शामिल हैं. जांच में पाया गया कि इन शिक्षकों ने अप्रैल माह की अलग-अलग तारीखों पर जिले की भौगोलिक सीमा से बाहर रहकर हाजिरी लगाी थी. नोडल पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव ने सभी संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वो नोटिस मिलने के 7 दिनों के भीतर साक्ष्य के साथ अपना जवाब दाखिल करें.
संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने की स्थिति में न केवल संबंधित दिनों का वेतन काटा जाएगा, बल्कि विभागीय नियमावली के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी. इस आदेश की प्रतिलिपि संबंधित विद्यालय प्रधानों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भी भेज दी गई है.
बिहार में और मामले
हालांकि, ये कोई पहला मामला नहीं है. हाल ही में बिहार के गोपालगंज में शिक्षकों की उपस्थिति व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है. यहां भी शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज हाजिरी को लेकर 5639 प्रधानाध्यापक और शिक्षक सवालों के घेरे में हैं. इन सभी की ऑनलाइन हाजिरी और वास्तविक हाजिरी के बीच बड़ा अंतर सामना आया है. सभी संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से 72 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है.
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Source: IOCL

























