Himachal News: चेस्टर हिल प्रोजेक्ट में 150 बीघा जमीन का घोटाला! जगत सिंह नेगी ने दी सख्त चेतावनी
Solan Land Scam: सोलन के चेस्टर हिल प्रोजेक्ट में 150 बीघा बेनामी जमीन का खुलासा, RERA ने लगाया जुर्माना. वहीं मंत्री नेगी ने महिला बिल पर PM और कंगना रनौत पर तीखा हमला बोला है.

हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित बहुचर्चित 'चेस्टर हिल हाउसिंग प्रोजेक्ट' (Chester Hills) में बड़े पैमाने पर जमीन घोटाले और अनियमितताओं का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. राज्य के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक जांच में करीब 150 बीघा जमीन की खरीद-फरोख्त में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं. इसके अलावा मंत्री नेगी ने महिला आरक्षण बिल और वेतन कटौती जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी विपक्ष पर तीखा प्रहार किया है.
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि 'चेस्टर हिल्स-2' और 'चेस्टर हिल्स-4' प्रोजेक्ट में धारा 118 का स्पष्ट उल्लंघन कर जमीन खरीदी गई है. एक स्थानीय कृषक हंस राज ठाकुर के नाम पर करीब 275 बीघा जमीन खरीदी गई, जो उनकी आय के स्रोत से बिल्कुल मेल नहीं खाती.
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस जमीन पर वास्तविक नियंत्रण गैर-कृषक प्रमोटर्स का है, जो सीधे तौर पर 'बेनामी संपत्ति' का मामला बनता है. मंत्री नेगी ने कहा, "यह मामला बेहद गंभीर है. विभागीय स्तर पर जांच चल रही है और जल्द ही इस मामले की और भी परतें खुलेंगी. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी."
RERA ने लगाया 35-35 लाख का जुर्माना
इस मामले में 'हिमाचल रेरा' (RERA) ने भी सख्त रुख अपनाते हुए चेस्टर हिल-2 और चेस्टर हिल-4 प्रोजेक्ट्स पर 35-35 लाख रुपये का भारी-भरकम अंतरिम जुर्माना लगाया है. इन प्रोजेक्ट्स पर आरोप है कि बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (Occupancy Certificate) के ही खरीदारों को कब्जा दे दिया गया. RWA (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के गठन में अनियमितताएं बरती गईं.
महिला आरक्षण बिल पर PM मोदी और BJP पर तीखा हमला
जगत सिंह नेगी ने बीजेपी पर महिला आरक्षण बिल को 'राजनीतिक हथियार' के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री देश को संबोधित करने के लिए अक्सर रात का समय ही चुनते हैं और उनका संबोधन चुनावी सभा जैसा होता है. जबकि दो राज्यों में चुनाव चल रहे हैं और आचार संहिता लागू है. चुनाव आयोग इस पर कार्रवाई क्यों नहीं करता?"
उन्होंने आगे कहा कि 2023 में ही विपक्ष के समर्थन से यह बिल पास हो गया था, लेकिन अब तक इसे नोटिफाई नहीं किया गया. अब चुनाव के समय 16 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाकर इसे फिर से पास करवाने की क्या जरूरत थी? नेगी ने आरोप लगाया कि बीजेपी इस बिल के बहाने परिसीमन कर लोकसभा सीटें 850 तक बढ़ाना चाहती है, ताकि उन्हें राजनीतिक फायदा मिल सके.
कंगना रनौत पर भी साधा निशानां
मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत पर सीधा निशाना साधते हुए नेगी ने कहा, "जो सांसद आज महिला हितों की बड़ी-बड़ी बातें कर रही हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि जब मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा था और उन्हें निर्वस्त्र कर भीड़ द्वारा घुमाया जा रहा था, तब वह कहां थीं? उस समय उनका कोई बयान क्यों नहीं आया?"
वेतन कटौती पर विपक्ष को नसीहत
मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के वेतन का कुछ हिस्सा 6 महीने के लिए 'डेफर' (टालने) करने के फैसले पर नेगी ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य न रुकें, इसे देखते हुए यह कड़ा फैसला लिया गया है. नेता प्रतिपक्ष (जयराम ठाकुर) द्वारा सरकार को अन्य खर्च कम करने की नसीहत देने पर नेगी ने पलटवार करते हुए कहा, "नेता प्रतिपक्ष को खुद क्या-क्या वीआईपी सुविधाएं मिल रही हैं, यह सभी जानते हैं. नसीहत देने से पहले उन्हें भी अपनी सुविधाएं छोड़ देनी चाहिए."
ये भी पढ़ें: Himachal News: मौत के मुंह से लौटा टैक्सी ड्राइवर, पहले रस्सी से गला दबाया, फिर लूट के बाद जंगल में फेंका
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























