बिहार के शिक्षा मंत्री का ऐतिहासिक फैसलाः अब भोजपुरी, मगही, मैथिली में भी होगी पढ़ाई
Bihar Education News: बिहार के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी के साथ भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका में भी पढ़ाई होगी. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने SCERT को निर्देश दिए हैं.

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से पांचवीं तक हिंदी के साथ-साथ स्थानीय क्षेत्रीय भाषाओं भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका में भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा.
शिक्षा मंत्री ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया. बैठक में मंत्री ने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई से बच्चे अपनी भाषा में आसानी से समझेंगे, सीखेंगे और लंबे समय तक पाठ याद रख सकेंगे.
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'बच्चा अपनी भाषा में पढ़ेगा तो उसकी समझ बढ़ेगी'
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, “क्षेत्रीय भाषा बच्चे की मातृभाषा होती है. जब बच्चा अपनी भाषा में पढ़ेगा तो उसकी समझ बढ़ेगी, रुचि बनी रहेगी और सीखने की प्रक्रिया और प्रभावी होगी.” इस फैसले से बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों छात्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.
SCERT को मिली नई जिम्मेदारी
SCERT को इस नई व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है. पाठ्यक्रम, पुस्तकों और शिक्षक प्रशिक्षण की तैयारी जल्द शुरू की जाएगी. इसके अलावा, एससीईआरटी में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी. रिक्त पदों की पहचान कर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधियाचना(Requisition) भेजी जाएगी. इन रिक्तियों को बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा भरा जाएगा.
शिक्षा विभाग का मानना है कि क्षेत्रीय भाषाओं को मुख्यधारा में लाने से शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी और छात्रों का ड्रॉपआउट रेट भी कम होगा. यह फैसला बिहार की सांस्कृतिक विविधता को भी मजबूत करेगा. शिक्षा मंत्री ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और ब्लॉक शिक्षा पदाधिकारियों को भी इस दिशा में तैयार रहने के निर्देश दिए हैं.
जल्द ही इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना और समयसीमा जारी की जाएगी. यह निर्णय बिहार में बहुभाषी शिक्षा नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अभिभावक और शिक्षाविद् इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं.
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