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नीतीश कुमार कैबिनेट से कितनी अलग है सम्राट सरकार? विभागों के बंटवारे में क्या-क्या हुआ नया, जानें

Bihar Ministers Portfolio: डिप्टी CM की कुर्सी जाने के बाद अब विजय कुमार सिन्हा के पास राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग नहीं रहा. नई सरकार में उन्हें कृषि विभाग की जिम्मेदारी मिली है.

बिहार में गुरुवार (07 मई) को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 32 नये मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ अब कुल संख्या 35 हो गई है. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे तो उस दौरान के और मौजूदा मंत्रिमंडल में तुलना करने पर कई बदलाव नजर आ रहे हैं. पिछली बार नीतीश कुमार के सीएम रहते हुए मंत्रिमंडल में कुल संख्या 27 थी और बीजेपी के नेतृत्व वाली नई सरकार में ये संख्या बढ़कर 35 हो गई है.

पिछली बार नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहने के दौरान सम्राट चौधरी को गृह विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी. अब नई सरकार में जब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बन गए हैं तो भी गृह विभाग की जिम्मेदारी उनके ही पास है. गृह के अलावा सामान्य प्रशासन, निगरानी और निर्वाचन जैसे अहम विभाग अपने पास रखे हैं, जिन्हें राज्य की शासन व्यवस्था की धुरी माना जाता है. 

निशांत कुमार की मंत्री के तौर पर एंट्री

गुरुवार (7 मई 2026) को हुए कैबिनेट विस्तार के बाद बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली NDA सरकार की कैबिनेट में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की मंत्री के तौर पर एंट्री हुई है, जिसे बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है. पिछली बार नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी मंगल पांडे के पास थी. इस बार नए मंत्रिमंडल में उनको जगह नहीं मिली है.

नई सरकार में दोनों डिप्टी सीएम बदले

नीतीश कुमार वाली पिछली सरकार में दो डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा थे. इस बार सम्राट चौधरी सीएम की कुर्सी पर हैं, वहीं जेडीयू के विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव डिप्टी सीएम हैं. नई सरकार में विजय सिन्हा से डिप्टी सीएम की कुर्सी छीन गई है. पिछली बार विजय कुमार सिन्हा के पास राजस्व एवं भूमि सुधार के साथ ही खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी थी, लेकिन इस बार उनका मंत्रालय भी बदल गया है. विजय सिन्हा को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. 

बिजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त विभाग की बड़ी जिम्मेदारी

उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त और वाणिज्य-कर विभाग मिला है. पिछली बार जब वो सरकार में मंत्री थे तो उनके पास ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त और वाणिज्य कर विभाग की जिम्मेदारी थी. नीतीश कुमार के बेहद करीबी नेता श्रवण कुमार को फिर से ग्रामीण विकास दिया गया है. साथ ही उन्हें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग भी दिया गया है. पिछली बार उनके पास ग्रामीण विकास के अलावा परिवहन विभाग की जिम्मेदारी थी.

दिलीप जायसवाल, अशोक चौधरी का विभाग भी बदला

पिछली बार नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहने के दौरान दिलीप जायसवाल को उद्योग विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन इस बार उनका विभाग बदल गया है. उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सौंपा गया है. इस विभाग की जिम्मेदारी जायसवाल पहले भी संभाल चुके हैं. अशोक चौधरी को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग सौंपा गया है. पहले उनके पास ग्रामीण कार्य विभाग की जिम्मेदारी थी.

नितिन नवीन मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं

बीजेपी नेता नितिन नवीन भी इस नए मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं हैं. अब पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है. नीतीश कुमार की सरकार के दौरान नितिन नवीन के पास पथ निर्माण, नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी थी. 

पहली बार मंत्री बने मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग

बीजेपी कोटे से पहली बार मंत्री बने मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग दिया गया है. इसके साथ ही नीतीश मिश्रा को नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का भी प्रभार दिया गया है. 

ओबीसी, EBC, दलित और सवर्ण समाज के बीच संतुलन

बिहार की नई सरकार में ओबीसी, EBC, दलित और सवर्ण समाज के बीच संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की गई है. सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार में सबसे ज्यादा जोर अति पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग पर नजर आ रहा है. बीजेपी और जेडीयू दोनों ने अपने-अपने कोटे में इन वर्गों का ख्याल रखते हुए बड़ी हिस्सेदारी दी है. बीजेपी ने राम कृपाल यादव, केदार गुप्ता, रमा निषाद, दिलीप जायसवाल और प्रमोद चंद्रवंशी जैसे नेताओं को नई सरकार में शामिल किया है. इसके साथ ही सवर्ण समाज से विजय कुमार सिन्हा, मिथिलेश तिवारी और संजय टाइगर जैसे नेताओं को शामिल किया गया है. वहीं दलित समाज से लखेंद्र पासवान और नंद किशोर राम को मौका दिया गया है. 

जेडीयू ने निशांत कुमार के अलावा श्रवण कुमार, भगवान सिंह कुशवाहा, मदन सहनी और बुलो मंडल जैसे नेताओं के जरिए अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है. साथ ही दलित समाज से अशोक चौधरी, सुनील कुमार और रत्नेश सदा को मंत्रिमंडल में जगह मिली है.

अजीत कुमार एबीपी लाइव में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. करीब एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. अपने दृष्टिकोण के प्रति जागरूक और हमेशा कुछ नया सीखने की जिज्ञासा. राजनीति की खबरों में खास रुचि. तथ्यों पर सवाल उठाने, डेटा विश्लेषण और सोच-समझकर निर्णय लेने में सक्षम. खाली वक्त में किताबें पढ़ने और संगीत से जुड़ाव.

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