Bihar Cabinet: नीतीश कैबिनेट में 69 एजेंडों पर मुहर, गया शहर का नाम बदला, सरकारी कर्मचारियों को भी बड़ा तोहफा
Nitish Kumar: बिहार में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में गया शहर का नाम बदलने पर मुहर लग गई है. वहीं ऑपरेशन सिंदूर के तहत शहीद होने पर जवानों के परिजनों को 50 लाख रुपये देने की बात कही गई है.

Bihar Cabinet Meeting: बिहार में शुक्रवार (16 मई) को कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के साथ तमाम बड़े मंत्री मौजूद रहे. बिहार कैबिनेट में नीतीश सरकार ने 69 एजेंडों पर मुहर लगाई है. इस बैठक में गया शहर का नाम बदलने से लेकर कर्मचारियों के डीए बढ़ाने और जीविका दीदी के लिए अलग बैंक समेत कई अमह फैसलों पर मुहर लगी है.
राज्य सरकार पर 1070 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार
इस बैठक में सातवां केंद्रीय वेतनमान तहत वेतन पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मियों का को बड़ा तोहफा 53% से बढ़ा कर 55% करने का फैसला लिया गया. कुल 2% प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है. वहीं छठे वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मियों को 6% महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है.
पांचवें वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन पाने वाले को 11% का महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है, इसकी स्वीकृति आज कैबिनेट में मिल गई है. महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर 1070 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा. वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार के स्तर से 54 हजार 213 करोड़ रुपये के बाजार ऋण समेत 58 हजार 193 करोड़ रुपये के ऋण उगाही की स्वीकृति दी गई है.
कैबिनेट की मीटिंग में गया शहर का नाम बदलने की स्वीकृति मिल गई है. अब नया नाम गया जी हो गया है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से गया शहर का नाम बदलकर गयाजी करने का प्रस्ताव आया था, जिसे बिहार कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. बोधगया शहर के लिए जल पूर्ति परियोजना को भी मंजूरी मिली है. पर्यटन मंत्रालय के स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत बोधगया में बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र का निर्माण कराया जाएगा. इसके लिए 165 करोड़ 44 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है.
सुशील मोदी की जन्मतिथि पर राजकीय समारोह
इसके साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की प्रत्येक वर्ष 5 जनवरी को राजकीय समारोह को के रूप में जन्मतिथि मनाई जाएगी. इसकी भी कैबिनेट में मंजूरी मिली है. वहीं ऑपरेशन सिंदूर के तहत शहीद होने पर जवानों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजे दिए जाएंगे.
वहीं जीविका दीदी के लिए अलग बैंक होगा, प्रखंड अंचल कार्यालय की सफाई भी अब जीविका दीदी करेंगी. जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन अब गांव स्तर पर पंचायत सचिव के माध्यम से हो सकेगा और नए आंगनबाड़ी केंद्रों को भी मंजूरी दी गई है. पंचायत सरकार भवनों के लिए 27 अरब रुपये की राशि स्वीकृत की गई है.
पंचायती राज विभाग के अंतर्गत 900 ग्राम पंचायत में पंचायत सरकार बनाने को मंजूरी मिली है. बिहार के कई जिले में केंद्रीय विद्यालय संगठन का विद्यालय बनेगा. गोपालगंज, अररिया और भागलपुर में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय बनेगा. बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में अब शिक्षा विभाग के अंतर्गत नियुक्त शिक्षक को प्रति नियुक्त किया जाएगा.
सहकारिता विभाग में लिपिक पद के लिए 333 पदों की स्वीकृति
सहकारिता विभाग के अंतर्गत लिपिक पद के लिए 333 पदों सृजन स्वीकृति दी गई. पहले से 498 पद थे. बिहार सरकार की नौकरियों में अब बिहार के मूल निवासी बेंचमार्क दिव्यांग को ही क्षैतिज आरक्षण मिलेगा. बिहार मत्स्य लिपिकीय सेवा संवर्ग (भर्ती एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2023 के आधार पर बिहार मत्स्य लिपिकीय संवर्ग में स्वीकृत 170 पदों को चिन्हित कर पुनर्गठन किया गया है.
छपरा जिले के सोनपुर को नगर परिषद बना दिया गया. औरंगाबाद के मदनपुर को भी नगर पंचायत बना दिया गया है. मुख्य जांच आयुक्त के कार्यालय में 125 पदों की स्वीकृति मिली है. जन्म मृत्यु से संबंधित आवेदन का निष्पादन ग्राम पंचायत स्तर पर होगा.
बिहार में कैंसर की बीमारी के लिए कैंसर केयर अप रिसर्च सोसाइटी का गठन किया गया है. राज्य सरकार ने पांच डॉक्टरों को सेवा से अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त कर दिया है. मेट्रो के लिए 2 करोड़ 56 लाख 9 हजार करोड. रुपये के भुगतान की अनुमति दी गई है. स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत बिहार फिजियोथेरापिस्ट या अकुपेशनल थेरापिस्ट संवर्ग के पर नियुक्ति के लिए संबंधित नियमावली का गठन किया गया है.
बिहार के अंतर्गत उद्द्यान्न प्रशिक्षण निदेशालय के गैर तकनीकी पदों के नियमावली में परिवर्तन कर दिया गया. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय इमामगंज, समस्तीपुर, भोजपुर के भवनों का पुनर्निर्माण होगा.
पटना हाईकोर्ट परिसर में बनेंगे बहुमंजिला भवन
पटना हाईकोर्ट परिसर में कई बहुमंजिला भवन बनेंगे. इन सभी का उपयोग अलग-अलग कार्यों के लिए किया जाएगा. इसमें प्रशासनिक भवन, आईटी भवन, ऑडोटोरियम, एडीआर भवन के अलावा मल्टी लेबल कार पार्किंग शामिल होंगे. साथ ही टाईप-बी, सी एवं डी श्रेणी के आवासीय भवन भी बनाए जाएंगे. इसके लिए 302 करोड़ 56 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है.
वहीं राज्य की दोनों उत्तर एवं दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के तहत 104 नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र के निर्माण की मंजूरी दी गई है. इसके लिए 1 हजार 576 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इसमें केंद्र की 60 और राज्य की 40 फीसदी की हिस्सेदारी होगी.
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