बिहार विधान परिषद: 2 सीटों पर चुनाव का ऐलान, नीतीश कुमार सहित 10 सीटों पर फैसला कब?
Bihar MLC Election: नीतीश कुमार की सीट का कार्यकाल 2030 तक था. वहीं जो अन्य 9 सीटें खाली हो रही हैं उसका कार्यकाल 28 जून (2026) तक ही है. ऐसे में एक सीट पर उपचुनाव तो 9 पर चुनाव होगा.

बिहार विधान परिषद की दो सीटों उपचुनाव के लिए 12 मई को मतदान होगा. इसमें एक सीट मंगल पांडेय की है तो दूसरी सीट भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय की है. मंगल पांडेय की सीट पर बीजेपी की ओर से सूर्य कुमार शर्मा उर्फ अरविंद शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है तो वहीं भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय चुनाव के लिए जेडीयू ने कन्हैया प्रसाद को कैंडिडेट बनाया है.
मंगल पांडेय सीवान विधानसभा सीट से 2025 में निर्वाचित हुए हैं तो उन्होंने नियम के अनुसार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. जो दूसरी सीट भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय की है यह राधाचरण शाह के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. वे संदेश सीट से विधायक बने तो उन्होंने इस्तीफा दिया था.
नीतीश कुमार ने 30 मार्च को दिया था इस्तीफा
अब सवाल है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एमएलसी वाली सीट पर उपचुनाव कब होगा? नीतीश कुमार भी बिहार विधान परिषद की सदस्यता से 30 मार्च को इस्तीफा दे चुके हैं. उनका कार्यकाल 2030 तक था, इसलिए इस सीट पर भी उपचुनाव होगा.
नीतीश कुमार की सीट के अलावा 9 अन्य सीटें 28 जून (2026) को खाली हो रही हैं. ऐसे में यह माना जा रहा है कि इन 9 सीटों पर जब चुनाव होगा तो उसी वक्त नीतीश कुमार वाली सीट पर भी उपचुनाव करा दिया जाएगा. बताया जाता है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे को अभी करीब एक महीने ही हुए हैं. जानकारों का कहना है कि खाली हुई सीट पर छह महीने के अंदर चुनाव कराने की प्रक्रिया है. नीतीश कुमार ने मार्च में ही इस्तीफा दिया है तो अभी इस सीट के लिए समय है.
28 जून को बिहार विधान परिषद की जो 9 सीटें खाली हो रही हैं उसमें एक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एक जेडीयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा की सीट है. इन दोनों का कार्यकाल 28 जून तक ही था इसलिए जून में 9 सीटों पर चुनाव होगा और एक सीट पर उपचुनाव होगा.
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10 सीटों पर कैसे होगा चुनाव?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक 9 सीटों पर जो चुनाव होगा उसमें एक सीट पर जीत के लिए 23 विधायकों का आंकड़ा बन रहा है जबकि एक सीट पर होने वाले उपचुनाव में कोई कंफ्यूजन नहीं है. दोनों के लिए अलग-अलग वोटिंग होगी. उपचुनाव के लिए 122 सीट चाहिए जो एनडीए के पास मौजूद है.
विधायकों के आंकड़ों के हिसाब से 9 सीटों में से 7 सीट एनडीए के खाते में जाती दिख रही है तो एक सीट पर वोटिंग के आसार हैं. अब एनडीए में कौन-कौन दल से कितने विधान परिषद सदस्य बनते हैं और किसे-किसे मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी.
चर्चा है कि जीतन राम मांझी भी एक सीट मांग रहे हैं और उन्हें आश्वासन भी मिला है. वहीं उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश जो बगैर किसी सदन के सदस्य रहते हुए मंत्री बने थे उनके लिए भी एक सीट फिक्स है. एलजेपी रामविलास के लिए भी एक सीट तय है. वहीं जिस सीट पर उपचुनाव होना है वह जेडीयू के पास ही रहेगी.
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Source: IOCL

























