बिहार में 44 माइनिंग ब्लॉक का होगा सर्वे, 5 लाख करोड़ निवेश का बड़ा प्लान
Bihar Investment News: बिहार में 44 माइनिंग ब्लॉक का सर्वे होगा. सरकार 9 महीने में खनन शुरू करने की तैयारी में है. 15 अक्टूबर से पहल, नवंबर तक 5 लाख करोड़ निवेश लक्ष्य पर नजर.

बिहार में खनिज संपदा के इस्तेमाल को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि राज्य के 44 माइनिंग ब्लॉक का सर्वे कराया जाएगा और रिकॉर्ड 9 महीने के भीतर खनन ब्लॉकों को शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य राज्य में खनिज संसाधनों के जरिए विकास और निवेश को नई गति देना है.
पटना के होटल मौर्या में कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी और एनएमईडीटी कार्यशाला का उद्घाटन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उपलब्ध खनिज संसाधनों का उपयोग जनता के हित में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा.
15 अक्टूबर से खनन शुरू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में खनन कार्य शुरू करने के लिए 15 अक्टूबर से पहल की जाएगी. उन्होंने कहा कि 44 कोल ब्लॉकों में से 28 ब्लॉकों में सर्वे का काम आगे बढ़ चुका है. 30 सितंबर तक 30 से अधिक कोल ब्लॉक आवंटित करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार की योजना है कि खनिज क्षेत्र में तेजी लाकर राज्य में रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में संसाधनों की कमी नहीं है, जरूरत है तो उनका सही दिशा में उपयोग करने की.
रोहतास से जमुई तक खनिज संपदा का इस्तेमाल
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के कई जिलों में खनिज संसाधनों की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं. रोहतास में लाइम स्टोन, औरंगाबाद में मिनरल बेल्ट, जहानाबाद और जमुई में मैग्नेट सहित गया, बांका और भागलपुर में भी खनिज संसाधन उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का उपयोग राज्य के विकास और आधारभूत संरचना निर्माण में किया जाएगा. सड़क, भवन और अन्य विकास परियोजनाओं में पत्थर सहित कई खनिज तत्वों की आवश्यकता होती है.
निवेश बढ़ाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रही है. इसके लिए राज्य में खनिज केंद्र स्थापित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है. उन्होंने निवेशकों से बिहार में उद्योग लगाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देगी. उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों की स्थापना के लिए कई तरह की रियायतें भी दी जा रही हैं.
खनिज रॉयल्टी का इस्तेमाल जनता के हित में होगा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खनिजों से मिलने वाली रॉयल्टी का इस्तेमाल बिहार की जनता और राज्य के विकास के लिए किया जाएगा. उन्होंने कहा कि खनिज संपदा का संरक्षण और पारदर्शी उपयोग सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों को नुकसान पहुंचाए बिना खनन गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा.
बिहार को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने की बात कही. उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद बिहार में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है और अब खनिज संसाधनों के इस्तेमाल से विकास को और गति दी जाएगी. कार्यशाला में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, विभागीय अधिकारी और कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. सरकार की इस योजना से आने वाले समय में बिहार में खनन क्षेत्र, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है.





















