बिहार: कैसे होगी पुलिसिंग व्यवस्था दुरुस्त? एक शव उठाने के लिए हो गया सीमा विवाद
Bihar News: फतुहा में ट्रेन से गिरे युवक का शव चार थानों के सीमा विवाद में सात घंटे पड़ा रहा. इस घटना के बाद पुलिस की लापरवाही उजागर हुई. अंततः देर रात शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

गृह मंत्री सम्राट चौधरी पुलिसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ित करने की बात करते हैं लेकिन दरोगा जी काम से पल्ला झाड़ने की तैयारी में रहते हैं. ऐसा ही एक मामला राजधानी पटना के सटे फतुहा में देखने को मिला है. जहां लावारिस लाश को उठाने के लिए सीमा विवाद में चार थाना की पुलिस उलझी रही और करीब 7से ज्यादा देर तक शव रेल लाइन के नीचे पड़ा रहा.
इतनी देर में किसी भी थाने की पुलिस ने शव की पहचान करने के लिए भी नहीं सोचा. अंतत: देर रात्रि करीब 10 बजे फतुहा थाना की पुलिस शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.
ट्रेन से गिरकर 35 वर्षीय युवक की मौत
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार (25 दिसंबर) को फतुहा स्टेशन व बंकाघाट स्टेशन के बीच जेठुली गांव के पास पौल संख्या 525/13 के नजदीक ट्रेन से गिरकर एक 35 वर्षीय अज्ञात युवक की मौत हो गयी. घटना की जानकारी कल 2 बजे दिन के बाद से ही सभी लोगों को मिल गई और पुलिस को भी स्थानीय लोगों ने उसी वक्त सूचना दिया. लेकिन चार थानों के सीमा विवाद में फंसकर युवक का शव घटनास्थल रेल पुलिया के नीचे सात घंटे तक पड़ा रहा. यह घटना अप लाइन पर हुई.
युवक ट्रेन से गिरने के बाद वह रेल पुलिया से नीचे गिर पड़ा. लेकिन उसका शॉल रेलवे ट्रैक में ही फंसा रह गया. ऐसा नहीं है कि घटना की जानकारी फतुहा व बंकाघाट रेल पुलिस को नहीं थी. लेकिन दोनों रेल थाने की पुलिस ने स्थानीय पुलिस की सीमा बताते हुए शव को उठाने से इंकार कर दिया.
पुलिस की लापरवाही की वजह से 7 घंटे पड़ा रहा शव
इसके बाद स्थानीय थाना में नदी थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो उसने भी रेलवे ट्रैक के पश्चिम शव होने की बात कहकर शव को उठाने से इंकार कर दिया. नतीजा यह हुआ कि मृतक का शव घटनास्थल पर सात घंटे तक वहीं पड़ा रहा. अंततः स्थानीय फतुहा थाना पुलिस रात्रि करीब दस बजे घटनास्थल पर पहुंची और शव को घटनास्थल से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया.
शव को लेकर विवादों में उलझे रहे थाने
दरअसल जिस जगह घटना हुई वह फतुहा रेलवे स्टेशन और बंकाघाट रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल से अलग था. दोनों रेल थाना की पुलिस का तर्क रहा की आउटर सिग्नल से बाहर लोकल थाना देखती है. नदी थाना का तर्क रहा की रेल का अप लाइन पश्चिम की ओर है वह मेरे इलाके में नहीं है. तो फतुहा थाना यह कहती रही की रेल लाइन के नीचे है वह नदी थाना देखेगी.
इसी विवाद में उलझा रहा. हालांकि फतुहा SDPO-1 अवधेश कुमार ने थाना विवाद होने की बात से इनकार किया है और कहा है कि शव को फतुहा थाना ले गई है आने जाने में थोड़ा लेट होता है विवाद की कोई बात नहीं है.
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