सुपौल में मतदान से पहले JDU कार्यालय के बाहर मारपीट, कांग्रेस उम्मीदवार ने लगाए गंभीर आरोप
Bihar Election 2025: सुपौल में जदयू कार्यालय के बाहर मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है. कांग्रेस प्रत्याशी ने सत्तारूढ़ नेताओं पर पैसे देने का आरोप लगाया, जबकि जदयू ने असामाजिक तत्वों की साजिश बताई.

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले सुपौल जिले में सियासी माहौल गरम हो गया है. रविवार (9 नवंबर) शाम को जिले के जदयू कार्यालय के बाहर हंगामा और मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
जानकारी के अनुसार, मामला सुपौल विधानसभा सीट से जदयू प्रत्याशी और मंत्री बिजेन्द्र यादव के चुनाव कार्यालय का बताया जा रहा है. घटना को संज्ञान में लेकर आयोग ने जांच शुरू कर दी है.
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 11 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले रविवार शाम 5 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हुआ. प्रचार खत्म होने के कुछ ही समय बाद जदयू कार्यालय के बाहर भारी संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ता जुटे हुए थे. इसी दौरान मारपीट की घटना सामने आई. वायरल वीडियो में नगर परिषद सुपौल के पूर्व चेयरमैन और जदयू नेता जगदीश यादव को पीली बंडी पहने एक युवक से मोबाइल छीनते हुए देखा जा सकता है. वहीं, मंत्री के चुनाव अभिकर्ता युगल अग्रवाल नारंगी बंडी में युवक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं.
निर्वाचन आयोग मामले की जांच करें- रहमानी
इस पूरे मामले पर कांग्रेस प्रत्याशी मिन्नत रहमानी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने लिखा कि चुनाव प्रचार खत्म होते ही सत्तारूढ़ पार्टी के नेता अब पैसे का खेल शुरू कर चुके हैं. जनता सब देख रही है. रहमानी ने निर्वाचन आयोग से इस मामले की जांच की मांग भी की है.
कार्यालय का गेट बंद कर कार्यकर्ताओं को बनाया बंधक- युगल अग्रवाल
वहीं, आरोपों पर सफाई देते हुए जदयू नेता और मंत्री बिजेन्द्र यादव के चुनाव अभिकर्ता युगल अग्रवाल ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व हमारे कार्यालय के बाहर आकर हंगामा करने लगे. उन्होंने गेट बंद कर हमारे कार्यकर्ताओं को अंदर बंधक बना लिया था. हमें सूचना मिली तो हम वहां पहुंचे, जहां हमारे साथ भी धक्का-मुक्की की गई.
घटना के बाद से क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. विपक्ष ने जहां सत्तारूढ़ दल पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं, वहीं जदयू ने इसे विपक्ष की साजिश बताया है.
हालांकि, एबीपी न्यूज इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है. मामला चुनावी माहौल से जुड़ा होने के कारण आरोपों और वीडियो की सत्यता की जांच चुनाव आयोग द्वारा किए जाने की संभावना है. फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि 11 नवंबर को सुपौल में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके.
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Source: IOCL

























