बिहार कांस्टेबल परीक्षा आज, परीक्षार्थी सरकार की व्यवस्था से नाराज, कहा- छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन क्यों नहीं?
Bihar News: बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के बीच परीक्षार्थी सरकार की व्यवस्था को लेकर नाराज नजर आए. परीक्षार्थियों ने सरकार के व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किये है.

- बिहार मद्य निषेध कांस्टेबल परीक्षा आज, परीक्षार्थी व्यवस्था से असंतुष्ट.
- छात्रों ने विशेष ट्रेन, दूर परीक्षा केंद्रों पर सवाल उठाए.
- भारी भीड़ में खड़े होकर, फर्श पर यात्रा करनी पड़ी.
- लंबी यात्रा से मानसिक दबाव, पेपर लीक का डर.
आज पूरे बिहार में मद्य निषेध विभाग के कांस्टेबल बहाली की परीक्षा हो रही है. आज बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का दूसरे दिन का पेपर है, जो 2 शिफ्ट में होगी. पहली पाली की परीक्षा सुबह 10:00 बजे से 12:00 तक होगी. वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3:00 से शाम 5:00 बजे तक होगी.
इस बीच परीक्षार्थी सरकार की व्यवस्था को लेकर नाराज नजर आए. पटना जंक्शन स्थित ट्रेन पकड़ने आए परीक्षार्थियों ने सरकार के व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किये है. परीक्षार्थियों ने कहा कि जब 14 जून को इसी विभाग की परीक्षा के परीक्षार्थियों ने आवाज उठाई प्रदर्शन किया तब जाकर सरकार ने स्पेशल ट्रेन दी.
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छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन पहले से क्यों नहीं?
परीक्षार्थियों ने सवाल किया कि आखिर स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था स्टूडेंट के लिए पहले क्यों नहीं की जाती? जब कुंभ मेले के लिए और चुनाव के दौरान स्पेशल ट्रेन में चलाई सकती हैं तो परीक्षार्थियों के लिए पूर्व से यह तैयारी क्यों नहीं की जाती? वहीं, कई परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि परीक्षा केंद्र इतना दूर क्यों दिया जाता है? बगल के ही जिले में सेंटर क्यों नहीं दे दिया जाता?दरअसल, जो परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए पटना जंक्शन पहुंचे थे, वो लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तय करके परीक्षा सेंटर पहुंचे हैं.
स्पेशल ट्रेन के बावजूद गर्मी में यात्रा करने को विवश
कई परीक्षार्थी सीतामढ़ी से पटना जंक्शन पहुंच चुके थे और स्पेशल ट्रेन में चढ़कर वह भभुआ रोहतास के लिए जा रहे थे. पटना जंक्शन पर जो संख्या परीक्षार्थियों की थी वो काफी ज्यादा थी. ऐसे में स्पेशल ट्रेन चलने के बावजूद कई परीक्षार्थी ट्रेन में खड़े होकर जाने को मजबूर दिखे. कई परीक्षार्थी ट्रेन के फ्लोर पर ही बैठकर आगे का सफर करने लिए बेबस नजर आये. इस उमस भरी गर्मी में ट्रेन में पंखे तो थे, लेकिन गर्मी का आलम यह था कि परीक्षार्थी पसीना से तर बतर नजर आए.
'इतना दूर सेंटर क्यों दिया जाता है?'
एबीपी की टीम को रिपोर्टिंग के दौरान कई ऐसे भी परीक्षार्थी मिले जो रेलवे स्टेशन पर बने फुट ओवर ब्रिज पर सोते नजर आए, जो प्लास्टिक बिछाकर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहा थे. परीक्षार्थियों ने अपनी समस्या खुलकर बताई उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जो व्यवस्था की गई है, वो कहीं से भी ठीक नजर नहीं आती. सेंटर इतना दूर दे दिया जाता है कि हमें 12 से 15 घंटे का सफर करना पड़ता है. ट्रैवल करने की वजह से काफी मानसिक प्रेशर बढ़ता है.
एक परीक्षार्थी ने तो यहां तक कह दिया कि इतना लंबा ट्रेवल कर रहे हैं, पता चला सेंटर पहुंचे और पेपर लीक हो जाए. अपने भविष्य को संवारने के लिए परीक्षार्थी काफी मशक्कत करते नजर आये. कई परेशानियों का भी सामना करते दिखे. ऐसे में सरकार द्वारा उचित व्यवस्था न मिलने से परीक्षार्थी नाराज काफी नाराज हैं.

























