बिहार की सियासत बदली, सीएम से सांसद होने वाले हैं नीतीश कुमार, नाराजगी के बीच 24 घंटे में क्या-क्या हुआ?
Nitish Kumar Nomination: नीतीश कुमार ने चारों सदनों का सदस्य बनने का अपना सपना पूरा होने की बात कही है. उनका कहना है कि बिहार में NDA की सहमति से जो सरकार बनेगी, वो समर्तन करेंगे. अब बिहार में नए CM की चर्चा शुरू हो गई है.

लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब नीतीश कुमार दिल्ली की ओर चल पड़े हैं. उन्होंने बिहार से राज्यसभा चुनाव के लिए पर्चा दाखिल कर दिया है. जनता दल यूनाइटेड (JDU) नेताओं और कार्यकर्ताओं के भारी विरोध और नाराजगी के बावजूद नीतीश कुमार ने बिहार छोड़ने का फैसला किया और दिल्ली जाना तय किया. इसको लेकर पिछले 24 घंटे से बिहार की सियासत में उबाल आया हुआ है.
पिछले लगभग 24 घंटे में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री से सांसद बनने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ी. होली के दिन, यानी बुधवार 4 मार्च को बिहार की राजनीति में पहली बार खबरें फैलनी शुरू हुईं कि नीतीश कुमार राज्यसभा जाने पर विचार कर रहे हैं.
सत्तारूढ़ गठबंधन NDA के सहयोगी दलों में भी शाम तक यही चर्चा थी कि नीतीश कुमार राज्यसभा नहीं जाएंगे. खुद चिराग पासवान ने दो टूक का था कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की सरकार चलती रहेगी. इतना ही नहीं, बीजेपी के सीनियर नेता गिरिराज सिंह ने नीतीश के राज्यसभा जाने को 'होली का मजाक' करार दिया था. हालांकि, जेडीयू नेताओं का कहना था कि इस पर बात चल रही है और अंतिम फैसला नीतीश कुमार ही करेंगे.
नीतीश कुमार के नेता और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी
नीतीश कुमार के नामांकन दाखिल करने के दौरान जेडीयू कार्यकर्ताओं ने नाराजगी दिखाई. जेडीयू कार्यकर्ताओं ने विरोध में पार्टी कार्यालय में हंगामा किया. तोड़फोड़ की. दरअसल, पार्टी ऑफिस में कार्यकर्ताओं के खाने-पीने की व्यवस्था की गई थी. कुर्सी-मेज, प्लेट-बर्तन, सब सजाए गए थे, लेकिन कार्यकर्ताओं ने खाना नहीं खाया. उनका गुस्सा साफ दिख रहा था. पार्टी के लोगों को ऐसा सदमा लगा कि कुछ कार्यकर्ताओं ने टेबल पलट दी, प्लेटें तोड़ दीं.
जेडीयू के नेताओं समेत पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी यह डिमांड रखी कि अगर नीतीश कुमार दिल्ली जाना चाहते हैं तो जाएं, लेकिन बिहार का अगला मुख्यमंत्री उनके बेटे निशांत कुमार ही बनें. पप्पू यादव का दावा था कि बीजेपी के पास ऐसा कोई नेता नहीं जो नीतीश कुमार की तरह बिहार की समझ रखता हो. यह काम उनके बेटे ही कर सकते हैं.
विपक्षी दलों ने बताया 'बीजेपी' का प्लान
विपक्षी दलों राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस ने शोर मचाना शुरू किया कि यह पहले से ही बीजेपी का प्लान था कि नीतीश कुमार को बड़े पद का ऑफर देकर बिहार की कमान अपने हाथ में ले लें.
इसके बाद बुधवार, 4 मार्च की रात कत राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हुई कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा चुनाव लड़ सकते हैं. इससे बिहार में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है. यह भी कहा गया कि एनडीए गठबंधन के भीतर नई व्यवस्था बन सकती है और अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का हो सकता है.
नीतीश कुमार ने कही 'सपना पूरा' होने की बात
फिर, गुरुवार 5 मार्च की सुबह खबर आई कि नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि उनका लंबे समय से सपना था कि वे विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा, चारों सदनों के सदस्य रहें.
गुरुवार, 5 मार्च की दोपहर नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से राज्यसभा जाने की घोषणा की. इससे यह स्पष्ट हो गया कि लगभग दो दशक से ज्यादा समय तक चली उनकी मुख्यमंत्री राजनीति का नया चरण शुरू हो रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए की सहमति में बिहार में जो भी सरकार बनेगा, वो उसका समर्थन करेंगे.
अब आगे क्या होगा?
दरअसल, राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होने हैं. तब तक नीतीश कुमार तकनीकी रूप से मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं, लेकिन नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा शुरू हो गई है.
Source: IOCL
























