'लालू यादव पहली बार बीजेपी-RSS के समर्थन से बने थे मुख्यमंत्री', संजय सरावगी के दावे से हलचल
Bihar News In Hindi: बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि लालू यादव पहली बार BJP-RSS के समर्थन से सीएम बने थे. जिसे नीतीश कुमार के प्रस्ताव पर विधायकों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया था.

दिल्ली में बिहार के बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक बयान देकर बिहार की राजनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. उन्होंने कहा कि जब लालू प्रसाद यादव पहली बार मुख्यमंत्री बने थे. तब उन्हें बीजेपी और आरएसएस का समर्थन मिला था.
जानकारी के अनुसार, बिहार के बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है. अब देखा है कि इस बयान पर विपक्ष के नेताओं की क्या प्रतिक्रिया रहती है.
Delhi: BJP state president Sanjay Saraogi says, "When Lalu Prasad Yadav first became Chief Minister, it was with the support of the BJP and RSS. At that time, the decision was taken within the legislative party, as the Chief Minister is elected by the legislative party itself… pic.twitter.com/ingNtHft2j
— IANS (@ians_india) April 17, 2026
विधायकों की सहमति से ही होता है सीएम का फैसला- संजय सरावगी
आईएएनएस से बातचीत के दौरान संजय सरावगी ने स्पष्ट किया कि उस समय मुख्यमंत्री का चयन विधानमंडल दल के भीतर ही किया गया था. उन्होंने कहा कि चाहे वह बीजेपी का विधानमंडल दल हो या एनडीए का, मुख्यमंत्री का फैसला हमेशा विधायकों की सहमति से ही होता है. उन्होंने यह भी बताया कि उस समय नीतीश कुमार ने प्रस्ताव रखा था, जिसे एनडीए के सभी नेताओं और विधायकों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया था.
सरावगी ने यह भी जोड़ा कि यह पूरी घटना अब अतीत का हिस्सा है और वर्तमान राजनीति इससे अलग दिशा में आगे बढ़ रही है. हालांकि उनके इस बयान को लेकर विपक्षी दलों की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है, क्योंकि लालू प्रसाद यादव और बीजेपी के रिश्तों को लेकर यह बयान राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है.
ये भी पढ़िए- Saharsa News: बस एक थर्मामीटर खरीदने के लिए 1.33 करोड़ का टेंडर, स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?
पुराने समीकरण को सामने लाने की हो सकती है कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी माहौल में पुराने समीकरणों को सामने लाने की कोशिश हो सकते हैं. बिहार की राजनीति में गठबंधन और समर्थन का इतिहास हमेशा से चर्चा का विषय रहा है और ऐसे बयान उस इतिहास को फिर से चर्चा में ला देते हैं. अब देखना होगा कि इस बयान पर अन्य राजनीतिक दल क्या प्रतिक्रिया देते हैं और यह मुद्दा आगे कितना तूल पकड़ता है.
ये भी पढ़िए- सम्राट चौधरी पर तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान, 'सच हुई पहली भविष्यवाणी, अब एक महीने बाद…'
Source: IOCL

























