Saharsa News: बस एक थर्मामीटर खरीदने के लिए 1.33 करोड़ का टेंडर, स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?
Saharsa News In Hindi: सहरसा में थर्मामीटर खरीद विवाद पर सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने कहा कि सरकारी धन का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ. इसे जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया.

बिहार के सहरसा जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक थर्मामीटर की खरीद को लेकर विवाद हो गया. एक थर्मामीटर खरीद के नाम पर 1 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि जीएम पोर्टल पर लोड होने के बाद बखेड़ा खड़ा हो गया. इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई. अब सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने सामने आकर पूरे मामले पर सफाई दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मसला किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी का नहीं, बल्कि एक तकनीकी त्रुटि यानी टाइपिंग मिस्टेक का परिणाम है.
थर्मामीटर खरीद को लेकर विवाद पर स्वास्थ्य विभाग की सफाई
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुल 16 अलग-अलग प्रकार के मेडिकल उपकरणों और सामग्रियों की खरीद के लिए सूची तैयार की गई थी. लेकिन क्लर्क के द्वारा डेटा एंट्री के दौरान गलती से पूरी राशि केवल एक मद, यानी थर्मामीटर के सामने दर्ज हो गई, जिससे यह भ्रम पैदा हुआ कि इतनी बड़ी राशि सिर्फ एक थर्मामीटर की खरीद के लिए निर्धारित की गई है.
सरकारी धन का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ- सिविल सर्जन
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग ने इस त्रुटि को समय रहते पहचान लिया था और किसी भी प्रकार की खरीदारी नहीं की गई. साथ ही 31 मार्च के बाद पूरी राशि को वापस कर दिया गया, जिससे सरकारी धन का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को एक स्थानीय अखबार के पत्रकार द्वारा जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया.
स्वास्थ्य विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा- सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने कहा, ''संबंधित पत्रकार ने इस खरीद प्रक्रिया में टेंडर भरा था, लेकिन उसका टेंडर रद्द हो गया. इसके बाद से वह लगातार विभाग के खिलाफ भ्रामक और गलत खबरें प्रकाशित कर रहा है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है.'' उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि इस मामले में उन्हें कई बार पत्रकार के द्वारा धमकियां भी दी गई हैं. उन्होंने इस मामले में थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. सिविल सर्जन ने दोहराया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है और किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हुई है.
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