Bihar AQI Today : बिहार में सांस लेना हुआ मुश्किल, पटना समेत कई शहरों में AQI 200 पार, खराब श्रेणी में हवा
Bihar Pollution: बिहार में वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है. पटना का AQI 200 और कई शहरों में 150 से 195 के बीच है. विशेषज्ञों ने बच्चों-बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह दी.

बिहार में मौसम के बदलते ही वायु गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है. राज्य के अधिकांश जिलों में हवा की स्थिति अस्वस्थ और खराब श्रेणी में पहुंच गई है. सोमवार सुबह जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़ों के अनुसार, पटना का AQI 200 दर्ज किया गया, जो 'अस्वस्थ' श्रेणी के करीब है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्तर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए बेहद खतरनाक है.
पटना के अलावा गया, भागलपुर, दरभंगा, बक्सर, औरंगाबाद और नालंदा जैसे शहरों में भी वायु गुणवत्ता का स्तर चिंताजनक है. बक्सर में AQI 195, बिसिकला में 190 और सासाराम में 175 दर्ज किया गया. वहीं अररिया, कटिहार, बेगूसराय और बिहार शरीफ जैसे इलाकों में AQI 150 से 160 के बीच रहा, जो 'अस्वस्थ' श्रेणी में आता है.
राज्य के कई जिलों में चरम पर प्रदूषण
गया में AQI 146 और भागलपुर में 146 दर्ज हुआ, जबकि दरभंगा का सूचकांक 156 तक पहुंच गया. इन शहरों में धूलकण (PM 2.5 और PM 10) की मात्रा सामान्य सीमा से कई गुना अधिक पाई गई है.
औद्योगिक क्षेत्र में भी हाल खराब
हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र का AQI 168 दर्ज हुआ, जो 'अस्वस्थ' श्रेणी में है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार उद्योगों, वाहनों और खेतों में पराली जलाने से हवा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ा है.
डॉक्टरों ने दी सुबह की सैर और व्यायाम की सलाह
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण लंबे समय तक रहने पर फेफड़ों की क्षमता घटा सकता है. डॉक्टरों ने लोगों को सुबह की सैर या खुले में व्यायाम करने से बचने की सलाह दी है. साथ ही, बच्चों और बुजुर्गों को बाहर निकलते समय मास्क पहनने की अपील की गई है.
कम प्रदूषण वाले शहर भी नहीं सुरक्षित
राज्य में मुजफ्फरपुर (AQI 102), छपरा (117) और राजगीर (136) जैसे कुछ शहरों की हवा अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन ये भी 'खराब' श्रेणी में ही आते हैं. पर्यावरण विभाग का कहना है कि अगर हवा की दिशा में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है.
सरकार ने दिए निगरानी के निर्देश
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ाने और खुले में कचरा या पराली जलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. फिलहाल, बिहार की हवा में सांस लेना आसान नहीं रह गया है और अगर हालात नहीं सुधरे, तो अगले कुछ हफ्तों में स्थिति दिल्ली-NCR जैसी गंभीर हो सकती है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























