भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में होगी CBI की एंट्री? भाई बोले- बिहार सरकार की जांच पर बिल्कुल भरोसा नहीं
Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी के भाई चंदन का कहना है कि उन्हें बिहार सरकार की जांच पर बिल्कुल भरोसा नहीं है. अगर सरकार निष्पक्ष जांच चाहती है तो CBI को जांच सौंपी जानी चाहिए.

बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में इंसाफ की मांग अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है. रविवार (12 जुलाई) को भरत तिवारी के समर्थकों के साथ भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे.
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बिहार सरकार की न्यायिक जांच पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए और न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी भी की गई.
'सरकार की जांच पर बिल्कुल भरोसा नहीं'
एबीपी न्यूज़ से बातचीत में भरत के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि उन्हें बिहार सरकार की न्यायिक जांच पर बिल्कुल भरोसा नहीं है. उनका कहना है कि अगर सरकार निष्पक्ष जांच चाहती है तो मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक भरत तिवारी की हत्या के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, ऐसे में परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद भी कम नजर आती है.
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चंदन तिवारी ने आगे कहा कि उनका परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है और अब वे अपनी आवाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
5 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान चंदन तिवारी और भरत तिवारी के समर्थकों ने पांच प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं. पहली मांग एनकाउंटर में शामिल सभी लोगों की जल्द गिरफ्तारी की है. दूसरी मांग भरत तिवारी के परिवार को 5 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है. तीसरी मांग परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की है.
इसके अलावा, परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने और भरत तिवारी जिन सामाजिक मुद्दों को लेकर आवाज उठाते थे, उन कार्यों को सरकार द्वारा पूरा किए जाने की भी मांग की गई.
केवल भरत तिवारी के परिवार की नहीं, न्याय की लड़ाई
इस धरने में पहुंचे भरत तिवारी के समर्थकों का कहना है कि यह लड़ाई केवल भरत तिवारी के परिवार की नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई है. उनका कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने सरकार से जल्द फैसला लेकर परिवार को न्याय दिलाने की अपील भी की है.
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