रोहित शर्मा का करियर खत्म करने की तैयारी? 2027 वर्ल्ड कप से बाहर करने के पीछे ये 3 बड़े कारण
रोहित शर्मा के लिए 19 जुलाई को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेला जाने वाला तीसरा वनडे उनके करियर का आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला हो सकता है.

रोहित शर्मा का शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर अब आखिरी पड़ाव पर पहुंचता नजर आ रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 19 जुलाई को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेला जाने वाला तीसरा वनडे उनके करियर का आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला हो सकता है. बताया जा रहा है कि चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट ने उन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं से बाहर रखने का फैसला कर लिया है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतने बड़े मैच विनर को अचानक भविष्य की योजनाओं से बाहर क्यों किया जा रहा है. इसकी तीन बड़ी वजहें सामने आ रही हैं.
फिटनेस बनी सबसे बड़ी चिंता
रोहित शर्मा के भविष्य पर सवाल उठने की पहली और सबसे अहम वजह उनकी फिटनेस है. पिछले एक साल में उन्होंने अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की और वजन भी कम किया, लेकिन चोटों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा. आईपीएल 2026 के दौरान वह हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार हुए, जिसके कारण उन्हें पांच मुकाबलों से बाहर बैठना पड़ा. इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले भी उनकी फिटनेस को लेकर लगातार चर्चा होती रही. ऐसे में चयनकर्ताओं के लिए उनकी लंबी उपलब्धता चिंता का विषय बनी हुई है.
फॉर्म ने भी बढ़ाई मुश्किल
फिटनेस के अलावा रोहित शर्मा की हालिया बल्लेबाजी भी सवालों के घेरे में रही है. साल 2026 में वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दोनों वनडे में भी वह बड़ी पारी नहीं खेल सके. इस साल उन्होंने आठ पारियों में सिर्फ 241 रन बनाए हैं और उनका औसत 30.12 रहा है. इतना ही नहीं, कप्तानी छोड़ने के बाद उनके स्ट्राइक रेट में भी लगातार गिरावट देखने को मिली है. पहले वह पावरप्ले में 120 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा 90 से भी नीचे पहुंच गया है.
युवा खिलाड़ियों ने बढ़ाई चुनौती
रोहित शर्मा के सामने तीसरी बड़ी चुनौती टीम इंडिया के पास मौजूद युवा विकल्प हैं. ओपनिंग के लिए यशस्वी जायसवाल ने शानदार दावेदारी पेश की है. उन्होंने सिर्फ छह वनडे मैचों में दो शतक लगाए हैं और उनका औसत 70 से ज्यादा का है. वहीं ईशान किशन भी वनडे टीम में वापसी कर चुके हैं.
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उनके नाम 45 से अधिक की औसत से 1092 रन और एक दोहरा शतक दर्ज है. विकेटकीपर बल्लेबाज होने का अतिरिक्त फायदा भी उन्हें चयन की दौड़ में मजबूत बनाता है. ऐसे में भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट युवाओं पर भरोसा जताने के मूड में नजर आ रहा है.





















