डी गुकेश को क्यों मिला खेल रत्न, जानें 18 साल के इस खिलाड़ी ने स्पोर्ट्स में क्या किया है?
D Gukesh: पिछले दिनों डी गुकेश ने विश्व शतरंज चैंपियनशिप (FIDE) का टाइटल जीता था. इस टाइटल को जीतने वाले डी गुकेश सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने.

D Gukesh Profile: खेल मंत्रालय ने ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड विनर्स के नामों का ऐलान कर दिया है. जिसमें शूटर मनु भाकर के अलावा डी गुकेश, हरमनप्रीत सिंह और पैरा एथलीट प्रवीण कुमार का नाम शुमार है. पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर ने 2 मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था, लेकिन क्या आप डी गुकेश के बारे में जानते हैं? डी गुकेश को खेल रत्न अवॉर्ड से क्यों नवाजा जा रहा है? दरअसल पिछले दिनों डी गुकेश ने विश्व शतरंज चैंपियनशिप (FIDE) का टाइटल जीता था. इस टाइटल को जीतने वाले डी गुकेश सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने.
डी गुकेश के बारे में कितना जानते हैं आप?
डी गुकेश से पहले विश्वनाथन आंनद ने विश्व शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता था. इस तरह विश्व शतरंज चैंपियनशिप खिताब जीतने वाले डी गुकेश दूसरे भारतीय ग्रैंडमास्टर बने. बहरहाल अब इस ग्रैंडमास्टर को खेल रत्न अवॉर्ड के लिए चुना गया है. आज हम बात करेंगे डी गुकेश के सफर और उपलब्धियों पर. डी गुकेश ने 18th वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप के फाइनल्स में चीन के शतरंज खिलाड़ी डिंग लिरेन को हराकर किंग्स गैंबिट का टाइटल जीता. इस तरह डी गुकेश टाइटल जीतने वाले सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बन गए. इससे पहले यह रिकॉर्ड वर्ल्ड चैंपियन गैरी कास्परॉव के नाम दर्ज था, उन्होंने 22 की उम्र में चैंपियनशिप जीती थी. लेकिन डी गुकेश ने महज 18 साल की उम्र में कारनामा कर दिखाया.
पिता ने बेटे के लिए छोड़ दी थी नौकरी
29 मई 2006 को चेन्नई में जन्मे डी गुकेश के पिता डॉ रजनीकांत ENT स्पेशलिस्ट हैं. जबकि मां माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं. डी गुकेश अपनी कामयाबी का श्रेय अपने पिता और मां को देते हैं. दरअसल डी गुकेश को कम उम्र से ही चेस कंपटीशन्स के लिए जगह-जगह जाना पड़ता था. उनके साथ आने-जाने के लिए पिता रजनीकांत ने नौकरी तक त्याग दी.
अब तक ऐसा रहा है डी गुकेश का करियर
2015 में अंडर-9 चेस चैंपियनशिप जीतकर डी गुकेश पहली बार सुर्खियों में आए थे. इसके बाद उन्होंने 2017 में पहला इंटरनेशनल चेस मास्टर जीता, जो मलेशिया में हुआ था. 2018 में स्पेन में उन्हें वर्ल्ड अंडर-12 चैंपियन से नवाजा गया. इस कैटेगरी में वर्ल्ड के तीसरे सबसे कम उम्र के चेस ग्रैंडमास्टर बने. 2021 में जूनियस बेयर चैलेंजर्स चेस टूर 14/19 प्वाइंट्स से जीता. फिर इस ग्रैंडमास्टर ने 2022- अगस्त महीने में 44वें चेस ओलंपियाड में दुनिया के नंबर-1 रैंक के अमेरिका के खिलाड़ी को हराया. अक्टूबर महीने में मैग्नस कार्लसन (वर्ल्ड नंबर-1 चेस प्लेयर) को हराने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने. 2023 में 2700 से ऊपर हाइएस्ट FIDE रेटिंग पाने वाले यंगेस्ट प्लेयर बने. सितंबर तक वह भारत के चेस मास्टर विश्वनाथन आनंद से आगे निकल गए.
ये भी पढ़ें-
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















