रणजी डेब्यू से पहले दो साल के लिए बैन हुए आदित्य वर्मा के बेटे
17 साल के बाद बिहार रणजी ट्रॉफी खेलेगा

आईपीएल मामले को सबके सामने लाने वाले आदित्य वर्मा के बेटे लखन राजा को रणजी डेब्यू से पहले बड़ा झटका लगा है. बिहार रणजी टीम में जगह बनाने की उम्मीदों के बीच बिहार क्रिकेट संघ ने लखन को दो साल के लिए बैन कर दिया है. लखन पर बिना अनुमति दूसरे टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का आरोप है.
कॉरपोरेट लीग खेलने वाले लखन किसी दूसरे राज्य की ओर से खेलने के लिए एनओसी भी मांगी थी लेकिन बीसीसीआई ने इस खिलाड़ी को एनओसी भी नहीं देने का फैसला किया.
दूसरी तरफ वर्मा ने आरोप लगाए कि बीसीए सचिव रवि शंकर प्रसाद ने उनकी आपस की प्रतिद्वंद्विता में उनके बेटे को ‘बलि का बकरा’ बनाया.
वर्मा गैर मान्यता प्राप्त क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (सीएबी) के सचिव हैं जबकि बीसीसीआई ने राज्य क्रिकेट के संचालन के लिए बीसीए को मान्यता दी.
वर्मा ने बुधवार को पीटीआई से कहा, ‘‘मेरा बेटा इंडिया सीमेंट्स के लिए हैदराबाद क्रिकेट लीग में खेला और अचानक उसे सस्पेंशन लेटर थमा दिया गया कि उसने खेलने से पहले बीसीए से अनुमित नहीं ली. उसे कारण बताओ नोटिस भी नहीं दिया गया और सीधे दो साल के लिए बैन कर दिया गया जो नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है. मैंने इस गैरकानूनी बैन के खिलाफ पहले ही मामला दायर करा दिया है.’’
लखन ने जब किसी और राज्य से खेलने के लिए बीसीसीआई से एनओसी मांगा तो जनरल मैनेजर (क्रिकेट संचालन) सबा करीम ने उन्हें कहा कि घरेलू राज्य से स्वीकृति नहीं मिलने तक बोर्ड भी उन्हें जरूरी स्वीकृति नहीं दे सकता.
ऐसी उम्मीद थी कि लखन बिहार रणजी टीम में जगह बनाने में सफल रहेंगे लेकिन उससे पहले उन्हें दो सीजन के लिए बैन कर दिया गया है. वह 2018-19 और 2019-2020 सीजन में नहीं खेल पाएंगे.
Source: IOCL
















