बॉलिंग स्टाइल में इरफान पठान ने लोगों से कहा- इन गेंदों को छोड़कर कोरोना से बचे रहेंगे
कोरोना वायरस के खिलाफ जागरूकता लाने के लिए इरफान पठान ने अपनी गेंदबाजी की भाषा का सहारा लिया है. पठान ने लोगों से घरों में रहने की अपील की.

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारतीय क्रिकेटर आगे आकर सहयोग दे रहे हैं. टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है. हालांकि दिलचस्प बात है कि लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ जागरूकता लाने के लिए इरफान पठान ने क्रिकेट की भाषा का सहारा लिया है.
पठान ने ट्विटर पर लिखा, "कोरोनावायरस एक तरह से बॉलिंग मशीन है और गेंद को ऑफ स्टंप से बाहर लगातार फेंका जा रहा है. जबतक हम बाहर जाती हुई गेंद को नहीं छेड़ेंगे तब तक हम लोग बचे रहेंगे और अपना विकेट बचाने में कामयाब रहेंगे. साथ ही अपने देश के लिए इस टेस्ट मैच को बचा लेंगे. घरों में ही रहिए. लॉकडाउन."
इरफान पठान मदद के लिए आगे आए
कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में इरफान पठान और युसुफ पठान ने आगे आकर मदद की पहल की है. पठान बंधुओं ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में 10 हजार किलो चावल और 700 किलो आलू दान देने का फैसला किया था.
इतना भर ही नहीं पठान बंधु उन खिलाड़ियों में से रहे जिन्होंने मदद के लिए सबसे पहले हाथ बढ़ाया. पठान बंधुओं ने चार हजार मास्क भी दान दिए थे. इसके अलावा सोशल मीडिया पर लगातार इरफान पठान लोगों को जागरूक रहने के लिए वीडियो संदेश जारी कर रहे हैं.
Coronavirus: पठान बंधुओं की सराहनीय पहल, 10 हजार किलो चावल दान दिए
Source: IOCL


















