FIFA World Cup 2022: सेमी-ऑटोमेटेड ऑफसाइड टेक्नोलॉजी क्या है, जानिए यह कैसे काम करेगी
semi automated offside technology: सेमी ऑटोमेटेड ऑफसाइड तकनीक दुनिया भर में लागू किए गए VAR सिस्टम का एक विकास है. यह तकनीक तीन साल की रिसर्च का परिणाम है.

FIFA World Cup: फीफा (FIFA) के अधिकारियों ने घोषणा की है कि 21 नवंबर से कतर (qatar) में शुरू होने वाले फीफा विश्वकप 2022 (FIFA World Cup 2022) में सेमी-ऑटोमेटेड ऑफसाइड तकनीक (semi automated offside technology) का इस्तेमाल किया जाएगा. यह सिस्टम वीडियो मैच अधिकारियों और ऑन-फील्ड रेफरी के लिए एक सपोर्ट टूल की तरह काम करेगा. इससे उन्हें अधिक सटीक ऑफसाइड निर्णय लेने में मदद मिलेगी.
VAR तकनीक सही साबित हुई
रूस में 2018 फीफा विश्वकप में वीडियो सहायक रेफरी तकनीक (VAR) के सफल उपयोग के बाद, फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने द विज़न 2020-23 में घोषणा की कि उनका महासंघ फुटबॉल में टेक्नोलॉजी की पूरी क्षमता का उपयोग करने और VAR को और बढ़ाने का प्रयास करेगा. उन्होंने कहा, "2018 में फीफा विश्व कप में, फीफा ने दुनिया के सबसे बड़े मंच पर VAR (वीडियो सहायक रेफरी) तकनीक का उपयोग करने के लिए कदम उठाया और यह सफलता साबित हुआ.
🗣️ "I think when you see major change like this it brings a new dawn to football"
— Sky Sports News (@SkySportsNews) July 1, 2022
Former Premier League referee Dermot Gallagher believes that the semi-automated offside technology to be used in the 2022 World Cup will be a major step-forward for football. pic.twitter.com/NSouEl3bca
फीफा खेल को बेहतर बनाने के लिए डेडीकेटेड
"सेमी ऑटोमेटेड ऑफसाइड तकनीक दुनिया भर में लागू किए गए VAR सिस्टम का एक विकास है. यह तकनीक तीन साल की रिसर्च का परिणाम है. इन्फेंटिनो ने कहा, "फीफा सभी स्तरों पर फुटबॉल के खेल को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करने के लिए डेडीकेटेड है. 2022 फीफा विश्वकप में सेमी ऑटोमेटेड ऑफसाइड तकनीक का उपयोग इसका प्रमाण है.
👇 FIFA's new semi-automated offside technology explained pic.twitter.com/0lKrGzFYs8
— Football Daily (@footballdaily) July 1, 2022
कैसे काम करेगी यह तकनीक
फिलहाल वीडियो सहायक रेफरी तकनीक (VAR) केवल ब्रॉडकास्ट कैमरों का उपयोग ऑफसाइड निर्णय लेने के लिए कर सकता है. लेकिन सेमी-ऑटोमेटेड ऑफसाइड तकनीक (semi automated offside technology) से स्टेडियम की छत पर कैमरे लगाए जाएंगे. वे पिच पर अपनी सटीक स्थिति की कैलकुलेशन करने के लिए सभी 22 खिलाड़ियों को ट्रैक करने में सक्षम होंगे. सभी संभावित अंगों और छोरों को कवर करने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी पर 29 डेटा बिंदु होंगे जो कि ऑफसाइड हो सकते हैं.
- खिलाड़ी की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए टेक्नोलॉजी स्टेडियम की छत के चारों ओर लगे 12 कैमरों का उपयोग करती है.
- मैच का 29-डी वर्चुअल मॉडल बनाने के लिए टेक्नोलॉजी प्रति खिलाड़ी 3 डेटा पॉइंट का उपयोग करती है.
- यह इन डेटा पॉइंट्स को हर सेकंड में 50 बार बनाने के लिए खिलाड़ी के अंगों को ट्रैक करता है.
- कैमरे गेंद की स्थिति को भी ट्रैक करते हैं, हालांकि कतर 2022 आधिकारिक मैच बॉल के अंदर एक सेंसर भी होगा जो गेंद को लात मारने के सटीक क्षण को रिकॉर्ड करेगा.
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फिर एक ऑफसाइड लाइन बनाने के लिए इन सभी डेटा को एक साथ रखता है.
- जब कोई खिलाड़ी ऑफसाइड स्थिति में गेंद प्राप्त करता है तो वीडियो सहायक रेफरी (VAR) रूम में वीडियो मैच अधिकारियों को स्वचालित रूप से अलर्ट करता है.
- वीडियो मैच अधिकारी तब मैन्युअल रूप से जांच करते हैं और रेफरी को पिच पर बताते हैं कि कोई खिलाड़ी ऑफसाइड है या नहीं.
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