CSK के इस अनकैप्ड ऑलराउंडर ने अपनी गेंदबाजी से मचाया तहलका, विजय हजारे ट्रॉफी में 7 विकेट लेकर सबको चौंकाया
CSK के अनकैप्ड ऑलराउंडर रामकृष्ण घोष ने विजय हजारे ट्रॉफी में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ खौफनाक गेंदबाजी करते हुए 7 विकेट झटके. महाराष्ट्र के लिए यह टूर्नामेंट इतिहास का बेस्ट बॉलिंग प्रदर्शन रहा.

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) हमेशा से ऐसे खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाती आई है, जो भले ही सुर्खियों में न हों, लेकिन उनमें बड़ा खिलाड़ी बनने की काबिलियत होती है. रामकृष्ण घोष भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल हैं. आईपीएल 2025 में उन्हें सीएसके की ओर से एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था. इसके बावजूद सीएसके ने आईपीएल 2026 से पहले उन्हें रिटेन कर लिया था. अब घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि फ्रेंचाइजी का भरोसा बेकार नहीं गया.
हिमाचल प्रदेश के खिलाफ घातक गेंदबाजी
विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए रामकृष्ण घोष ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की. जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 9.4 ओवर में 42 रन देकर 7 विकेट झटक लिए. उनकी गेंदों के सामने हिमाचल प्रदेश के बल्लेबाज टिक नहीं पाए और पूरी टीम दबाव में आ गई.
महाराष्ट्र के लिए टूटा पुराना रिकॉर्ड
रामकृष्ण घोष का यह प्रदर्शन विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में महाराष्ट्र के किसी भी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बन गया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड डोमिनिक मुथुस्वामी के नाम था, जिन्होंने 2014 में मुंबई के खिलाफ 25 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए थे. अब घोष ने एक विकेट ज्यादा लेकर नया कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है.
बल्ले से भी दिखा चुके हैं दम
रामकृष्ण घोष सिर्फ गेंदबाज ही नहीं, बल्कि उपयोगी ऑलराउंडर भी हैं. टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में उन्होंने पंजाब के खिलाफ 73 रनों का योगदान दिया था. मुश्किल समय में उन्होंने टीम को संभाला और अपनी बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा.
छोटा करियर, बड़ा असर
28 साल के रामकृष्ण घोष का लिस्ट ए करियर अभी शुरुआती दौर में है. अब तक उन्होंने सिर्फ 6 मैच खेले हैं, लेकिन इन मुकाबलों में ही वह 10 विकेट और 112 रन बना चुके हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि वह सीमित मौकों में भी प्रभाव छोड़ने की क्षमता रखते हैं.
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