WTC फाइनल से पहले अजिंक्य रहाणे ने दिया दिल छू लेने वाला बयान, जानिए क्या कहा
अजिंक्य रहाणे ने कहा कि उनके लिए टीम की जीत सबसे पहले है, चाहे वो शतक बनाएं या नहीं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आलोचनाओं से कोई परेशानी नहीं होती है. उन्हें फर्क नहीं पड़ता है कि लोग उनके खेल के बारे में क्या सोचते हैं. वह बस टीम को जीत दिलाने के काम पर लगे रहते हैं.

भारत और न्यूजीलैंड के बीच शुक्रवार, 18 जून से आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला खेला जाना है. इस महामुकाबले से पहले भारतीय टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने दिल को छू लेने वाला बयान दिया है. दरअसल, रहाणे ने कहा कि उनके लिए टीम की जीत सबसे पहले है, चाहे वो शतक बनाएं या नहीं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आलोचनाओं से कोई परेशानी नहीं होती है. उन्हें फर्क नहीं पड़ता है कि लोग उनके खेल के बारे में क्या सोचते हैं. वह बस टीम को जीत दिलाने के काम पर लगे रहते हैं.
पिछले कुछ सालों में रहाणे की फॉर्म में उतार-चढ़ाव बना रहा है. हालांकि, इसके बावजूद वह विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप चक्र के दो वर्षों में 17 मैचों में 1095 रन बनाकर टीम के शीर्ष स्कोरर रहे और टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बनाने में सफल रही.
यह पूछने पर कि जब वह रन नहीं बना पाते तो अपनी आलोचनाओं के बारे में क्या सोचते हैं? इस पर उन्होंने कहा, "मुझे आलोचनाओं से परेशानी नहीं होती है. मुझे लगता है कि मैं आलोचनाओं के कारण ही यहां हूं. मैं हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता था, भले ही लोग मेरी आलोचनायें करते रहें."
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज़ में ऐतिहासिक जीत के दौरान कप्तान की जिम्मेदारी संभालने वाले रहाणे ने कहा, "मेरे लिये अपने देश के लिये अपना सर्वश्रेष्ठ देना महत्वपूर्ण है और बल्लेबाज या क्षेत्ररक्षक के तौर पर हर बार मैं योगदान करना चाहता हूं. मैं आलोचनाओं के बारे में वास्तव में ज्यादा नहीं सोचता हूं. अगर लोग मेरी आलोचना करेंगे तो यह उनका सोचना है और यह उनका काम है. मैं इन सभी चीजों पर काबू नहीं कर सकता. मैं हमेशा उन चीजों पर ध्यान देता हूं, जिन पर मेरा नियंत्रण हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ करता हूं, कड़ी मेहनत करता हूं और इसके बाद नतीजा निकलता है."
रहाणे ने कहा कि अगर वह 40 रन भी बनाते हैं तो यह टीम के लिये उपयोगी होने चाहिए, तभी उन्हें खुशी मिलेगी. उन्होंने कहा, "मैं अपना नेचुरल खेल ही खेलूंगा. जीतना सबसे अहम है भले ही मैं शतक बनाऊं या नहीं. मैं खुद को ज्यादा दबाव में भी नहीं लाना चाहता और अगर मेरे 30 या 40 रन टीम के लिये महत्वपूर्ण हैं तो मैं खुश हूं."
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