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अलर्ट! लोगों को चूना लगाने के लिए ठग कर रहे AI का इस्तेमाल, एक गलती और उड़ सकती हैं आपकी निजी डिटेल्स
Cyber Fraud: स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक नया साइबर खतरा सामने आया है. अब ठग केवल फर्जी कॉल या लिंक के जरिए ही नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भी लोगों को निशाना बनाने लगे हैं.
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक नया साइबर खतरा सामने आया है. अब ठग केवल फर्जी कॉल या लिंक के जरिए ही नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भी लोगों को निशाना बनाने लगे हैं. साइबर सुरक्षा कंपनी ESET के शोधकर्ताओं ने PromptSpy नाम के एक नए एंड्रॉयड मैलवेयर का खुलासा किया है. खास बात यह है कि यह मैलवेयर यूजर्स को फंसाने के लिए Google Gemini जैसी जेनरेटिव AI तकनीक का सहारा लेता है.
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आमतौर पर पारंपरिक मैलवेयर पहले से लिखे गए निर्देशों पर काम करते हैं. यानी उन्हें एक तय स्क्रिप्ट के अनुसार डिजाइन किया जाता है. लेकिन PromptSpy इस तरीके से अलग है. यह फोन की स्क्रीन पर मौजूद जानकारी को पढ़ता है और फिर उसी आधार पर AI से पूछता है कि अगला कदम क्या होना चाहिए. यानी यह परिस्थिति के हिसाब से खुद को ढाल सकता है.
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रिपोर्ट के अनुसार यह मैलवेयर स्क्रीन की जानकारी XML फॉर्मेट में AI सिस्टम को भेजता है. इसमें यूजर इंटरफेस के एलिमेंट, टेक्स्ट, बटन की पोजिशन और अन्य तकनीकी विवरण शामिल होते हैं. इसके बाद AI JSON फॉर्मेट में जवाब देकर बताता है कि किसी ऐप को कैसे लॉक या पिन करना है. फिर यह मैलवेयर एंड्रॉयड की एक्सेसिबिलिटी सर्विस का दुरुपयोग करके उन निर्देशों को लागू कर देता है. अलग-अलग कंपनियों के फोन में ऐप लॉक या पिन फीचर अलग तरीके से काम करता है लेकिन AI की मदद से यह मैलवेयर हर इंटरफेस को समझ सकता है.
Published at : 22 Feb 2026 11:35 AM (IST)
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