एक्सप्लोरर
प्राचीन भारत में सास के 6 प्रकार! कहीं आपकी सास भी तो नहीं हैं इनमें से एक? जानें रिश्तों का सच
मनुस्मृति, महाभारत, याज्ञवल्क्य स्मृति और अर्थशास्त्र जैसे धार्मिक ग्रंथों में सासों के व्यवहार के आधार पर 6 श्रेणी में बांटा गया है. आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक और शास्त्रीय रहस्य!
भारतीय ग्रंथों में सास के 6 प्रकार
1/6

प्राचीन भारतीय सभ्यताओं ने रिश्तों की व्यवहारिकता को लेकर काफी स्पष्ट विश्लेषण किया है. मनुस्मृति, महाभारत, याज्ञवल्क्य स्मृति और अर्थशास्त्र जैसे धार्मिक ग्रंथों में सासों के व्यवहार के आधार पर 6 श्रेणी में बांटा गया है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
2/6

प्राचीन भारतीय सभ्यता के मुताबिक पहली श्रेणी में ऐसी सास आती है, जो घर की शक्ति, मान-सम्मान, और परिवार में नियंत्रण शक्ति को लेकर जुनूनी होती है. इस तरह की व्यवहार करने वाली सास बहु को प्रतियोगी के रूप में देखती है, और बेटे पर अपना अधिकार जमाए रखने के लिए भावनात्मक दबाव के साथ-साथ मानसिक नियंत्रण की भी सहायता लेती है. इन्हें घर की सत्ता हाथ से जाने का भय सताता है.
Published at : 02 Dec 2025 05:46 PM (IST)
और देखें
Advertisement
Advertisement
Advertisement
टॉप हेडलाइंस
इंडिया
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
बॉलीवुड
स्पोर्ट्स

























