एक्सप्लोरर

Diwali 2025: एक दो नहीं, इतने तरह के होते हैं ग्रीन पटाखे, जानें कैसे पहचानें असली और नकली पटाखे?

Diwali 2025: दिवाली का त्योहार कुछ ही दिनों में आने वाला है. आज हम जानेंगे कि ग्रीन पटाखे कितने तरह के होते हैं और उन्हें कैसे पहचाना जा सकता है. तो आइए जानते हैं.

Diwali 2025: दिवाली का त्योहार कुछ ही दिनों में आने वाला है. आज हम जानेंगे कि ग्रीन पटाखे कितने तरह के होते हैं और उन्हें कैसे पहचाना जा सकता है. तो आइए जानते हैं.

Diwali 2025: जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आ रही है भारत के बाजार उत्साह और रोशनी से जगमगा उठे हैं. इस उत्सव के बीच पटाखों से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर भी जोर दिया जा रहा है. इस समस्या से निपटने के लिए अब लोगों ने ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. आइए जानते हैं कि ग्रीन पटाखे कितने तरह के होते हैं और क्या है उनकी पहचान.

1/6
ग्रीन पटाखे तीन तरह के होते हैं. सेफ वाटर रिलीजर, सेफ थर्माइट क्रैकर और सेफ मिनिमल अल्युमिनियम. हर पटाखा हानिकारक उत्सर्जन को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है. सेव वाटर रिलीजर जलवाष्प छोड़ता है जो धूल के कणों को फंसा लेता है. इसी के साथ सेफ थर्माइट क्रैकर सल्फर और पोटेशियम नाइट्रेट को हटाता है और सेफ मिनिमल अल्युमिनियम, अल्युमिनियम और मैग्नीशियम की मात्रा को कम करके शोर और धुएं को कम करता है.
ग्रीन पटाखे तीन तरह के होते हैं. सेफ वाटर रिलीजर, सेफ थर्माइट क्रैकर और सेफ मिनिमल अल्युमिनियम. हर पटाखा हानिकारक उत्सर्जन को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है. सेव वाटर रिलीजर जलवाष्प छोड़ता है जो धूल के कणों को फंसा लेता है. इसी के साथ सेफ थर्माइट क्रैकर सल्फर और पोटेशियम नाइट्रेट को हटाता है और सेफ मिनिमल अल्युमिनियम, अल्युमिनियम और मैग्नीशियम की मात्रा को कम करके शोर और धुएं को कम करता है.
2/6
इन पटाखों को व्यवसायिक पटाखा निर्माता द्वारा नहीं बल्कि सरकारी अनुसंधान संस्था CSIR-NEERI के द्वारा बनाया गया है. इनका उद्देश्य वायु प्रदूषण को पारंपरिक पटाखों की तुलना में 30% कम करना है.
इन पटाखों को व्यवसायिक पटाखा निर्माता द्वारा नहीं बल्कि सरकारी अनुसंधान संस्था CSIR-NEERI के द्वारा बनाया गया है. इनका उद्देश्य वायु प्रदूषण को पारंपरिक पटाखों की तुलना में 30% कम करना है.
3/6
असली ग्रीन पटाखे पर एक खास QR कोड होता है. इस कोड को स्कैन करके निर्माता का नाम, लाइसेंस और प्रमाणन जैसी जानकारी मिल सकती है. अगर कोड काम नहीं करता या झूठी जानकारी देता है तो इसका मतलब यह पटाखे ग्रीन नहीं है.
असली ग्रीन पटाखे पर एक खास QR कोड होता है. इस कोड को स्कैन करके निर्माता का नाम, लाइसेंस और प्रमाणन जैसी जानकारी मिल सकती है. अगर कोड काम नहीं करता या झूठी जानकारी देता है तो इसका मतलब यह पटाखे ग्रीन नहीं है.
4/6
प्रमाणिकता को पक्का करने के लिए असली पटाखों पर CSIR-NEERI का लोगों और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन का प्रमाणन अंकित होता है. सिर्फ पीईएसओ द्वारा लाइसेंस प्राप्त निर्माता को ही भारत में ग्रीन पटाखों  का उत्पादन और वितरण करने की कानूनी अनुमति है.
प्रमाणिकता को पक्का करने के लिए असली पटाखों पर CSIR-NEERI का लोगों और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन का प्रमाणन अंकित होता है. सिर्फ पीईएसओ द्वारा लाइसेंस प्राप्त निर्माता को ही भारत में ग्रीन पटाखों का उत्पादन और वितरण करने की कानूनी अनुमति है.
5/6
कभी भी हरे रंग का लोगो और साफ पारदर्शी पैकेजिंग देखकर धोखा ना खाएं. नकली निर्माता अक्सर ग्राहकों को गुमराह करने के लिए हरे रंग की नकल करते हैं. इसलिए हमेशा खरीदने से पहले कोड और प्रमाणन लेबल जरूर देख लें.
कभी भी हरे रंग का लोगो और साफ पारदर्शी पैकेजिंग देखकर धोखा ना खाएं. नकली निर्माता अक्सर ग्राहकों को गुमराह करने के लिए हरे रंग की नकल करते हैं. इसलिए हमेशा खरीदने से पहले कोड और प्रमाणन लेबल जरूर देख लें.
6/6
पारंपरिक पटाखों के विपरीत ग्रीन पटाखे कम प्रदूषण और ध्वनि नियंत्रण का फायदा देते हैं. पारंपरिक पटाखों की ध्वनि 160 डेसीबल से ज्यादा हो सकती है वही असली ग्रीन पटाखे 110-125 डेसिबल तक सीमित होते हैं.
पारंपरिक पटाखों के विपरीत ग्रीन पटाखे कम प्रदूषण और ध्वनि नियंत्रण का फायदा देते हैं. पारंपरिक पटाखों की ध्वनि 160 डेसीबल से ज्यादा हो सकती है वही असली ग्रीन पटाखे 110-125 डेसिबल तक सीमित होते हैं.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कौन है 'विमल पान मसाला' कंपनी का मालिक, कितनी है कमाई?
कौन है 'विमल पान मसाला' कंपनी का मालिक, कितनी है कमाई?
'विमल पान मसाला' एड पर शाहरूख-अजय देवगन को नोटिस, क्या हो सकता है एक्शन?
'विमल पान मसाला' एड पर शाहरूख-अजय देवगन को नोटिस, क्या हो सकता है एक्शन?
पाकिस्तान में कितने हिंदू, 1947 से कितने हुए कम?
पाकिस्तान में कितने हिंदू, 1947 से कितने हुए कम?
पूरा क्यों नहीं गाया जाता था वंदे मातरम, किसने हटाए थे बाकी अंतरे?
पूरा क्यों नहीं गाया जाता था वंदे मातरम, किसने हटाए थे बाकी अंतरे?

वीडियोज

Amit Shah On Vande Matarm: वंदे मातरम् पर Amit Shah का कांग्रेस पर हमला, कहा - 'जनता से मांगे माफी'
Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम् पर कांग्रेस को बीजेपी ने घेरा, कहा- 'संविधान का अपमान किया'
Jharkhand Student Protest Update: छात्रों को नहीं सुन रही हेमंत सरकार! | Hemant Soren | ABP News
Akhil Sachdeva ने खोला राज, Emraan Hashmi ने खुद किया था Call; Awarapan 2 का गाना होगा खास
Awarapan 2 ने Batwara 1947 को पछाड़ा, Sunny Deol की फिल्म पर भारी पड़ी Emraan Hashmi की Movie

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'शर्म बची है तो माफी मांग लें', वंदे मातरम को लेकर अमित शाह का कांग्रेस पर तंज
'शर्म बची है तो माफी मांग लें', वंदे मातरम को लेकर अमित शाह का कांग्रेस पर तंज
2027 से पहले मायावती के सामने ये बड़ी चुनौती! कैसे साधेंगी सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला?
2027 से पहले मायावती के सामने ये बड़ी चुनौती! कैसे साधेंगी सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला?
1994 से जिस टीम को नहीं हरा पाई भारत, हॉकी वर्ल्ड कप में अगला मैच उसी के साथ
1994 से जिस टीम को नहीं हरा पाई भारत, हॉकी वर्ल्ड कप में अगला मैच उसी के साथ
तारक मेहता फेम एक्ट्रेस बिना मेकअप हुईं स्पॉट, आपको याद है ये सोनू?
तारक मेहता फेम एक्ट्रेस बिना मेकअप हुईं स्पॉट, आपको याद है ये सोनू?
वाराणसी एयरपोर्ट पर कैसे चली गोली? जानें हादसे की पूरी कहानी
वाराणसी एयरपोर्ट पर कैसे चली गोली? जानें हादसे की पूरी कहानी
Smoking Side Effects: क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच
क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच
'दोस्तों को खिलाना मेरी दिनचर्या', मोर को दाना खिलाते दिखे PM मोदी
'दोस्तों को खिलाना मेरी दिनचर्या', मोर को दाना खिलाते दिखे PM मोदी
मोबाइल की ब्लू लाइट से बचाएगा ये स्क्रीन प्रोटेक्टर? जानें सच्चाई
मोबाइल की ब्लू लाइट से बचाएगा ये स्क्रीन प्रोटेक्टर? जानें सच्चाई
Embed widget