Exclusive: 'अमेरिका खुद सीजफायर चाहता था', US-ईरान युद्धविराम पर ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दावा
US-Iran war Ceasefire: अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा कि अमेरिका ने 200 बार ईरान पर हमला किया है. क्या अमेरिका न्यूयॉर्क से हमला कर रहा है नहीं. ये हमारे पड़ोसियों के बेस से हमला कर रहा है.

भारत में ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने अमेरिका-ईरान सीजफायर पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद सीजफायर चाहता था. इलाही ने कहा कि वो ईरान को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन ये ईरान अलग है, इसको हरा नहीं सकते हैं.
इलाही ने कहा, उन्होंने स्कूल पर हमला किया, जिसमें छोटे बच्चों की मौत हो गई. उनकी कोई मॉरिलिटी नहीं है. कल उन्होंने सिविलियन और तेल और पानी प्रॉसेसिंग यूनिट पर हमला किया.
ईरान पर अमेरिका ने 200 बार किया अटैक: इलाही
अमेरिका ने 200 बार ईरान पर हमला किया है. क्या अमेरिका न्यूयॉर्क से हमला कर रहा है नहीं. ये हमारे पड़ोसियों के बेस से हमला कर रहा है. हमारे राष्ट्रपति ने कहा भी है अगर हमारे पड़ोसी देश अमेरिका को हमला नहीं करने देते तो अमेरिका ईरान पर हमला नहीं कर पाता. हम अपने पड़ोसी देशों पर हमला नहीं कर रहे हैं हम अमेरिकी बेस पर हमला कर रहे हैं. ये अमेरिकी बेस अमेरिका का है. क्या किसी देश का राष्ट्रपति कह सकता है कि हम दूसरे देश का लीडर बदल देंगे, ये कितना शर्मनाक है, क्या दुनिया में कोई कानून नहीं है? हम इंसाफ के लिए लड़ते रहेंगे, हम 19 मिलियन लोग हैं, दुनिया में कई देश हैं जो ईरान का समर्थन कर रहे हैं, अपने आत्मसम्मान के लिए मरने के लिए तैयार हैं. अगर हमें 8 साल भी लड़ना पड़े तो हम उसके लिए भी तैयार हैं. हमने इराक से भी 8 साल लड़ाई लड़ी है. हमारे पास मिसाइल हैं, हम खुद के लिए लड़ते रहेंगे.
हम न्यूक्लियर हथियार नहीं चाहते: इलाही
ईरान पहले से ही कहता रहा है कि हम न्यूक्लियर हथियार नहीं चाहते. अगर हम चाहते तो हमारे पास होता, हमारे धर्म के अनुसार ये हाराम है. अयातुल्ला खामेनेई ने पहले ही कहा था कि हमें न्यूक्लियर हथियार नहीं चाहते हैं, ये हमारे डॉक्टराइन में नहीं है। IAEA ने पहले ही कह दिया है कि ईरान के पास कोई न्यूक्लियर हथियार नहीं है, इन्हें अपने हथियार बेचना चाह रहे हैं, ये अपने पुराने हथियार का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे ईरान के तेल पर अपना कब्जा करना चाहते हैं, वे ईरान के गैस पर, ईरान के खदानों पर कब्जा करना चाहते हैं.
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उन्होंने कहा कि इस बिजनेस में सबसे बड़ा बाजार हथियारों का है, जो इस बिजनेस में हैं उन्हें काफी फायदा हो रहा है. कोई सबूत नहीं है कि ईरान के पास परमाणु हथियार है और न ही होने जा रहा है. इजरायल अपने पड़ोसियों पर हमला करता है, इस रीजन के सभी देशों पर इजरायल हमला कर चुका है. इजरायलियों ने फिलिस्तिनियों के साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया है. हमारे दुश्मनों में कोई मानवता नहीं है, वे सिर्फ पैसे के बारे में और लोगों को मारने के बारे में जानते हैं.
खामेनेई ने बंकर को लेकर क्या कहा था?
उन्होंने पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई का जिक्र कर कहा कि उन्होंने कहा था अगर आप 19 मिलियन ईरानियों के लिए बंकर बनाएंगे तभी मैं बंकर में जाऊंगा. उन्होंने बंकर में जाने से मना कर दिया, उन्होंने इसके अलावा कहीं और भी जाने से मना कर दिया. उनके चार बेटे हैं किसी के पास भी अपना घर नहीं है. हमारे संविधान के अनुसार सुप्रीम लीडर पर काफी जिम्मेदारियां होती है. अगर किसी कारणों से उनका निधन हो जाता है तो 3 सदस्यों की काउंसिल का गठन होता है. ईरान के लोग स्मार्ट हैं जागरूक हैं, वे अपना लीडर खुद चुन सकते हैं.
क्या चीन और रूस ने किया ईरान का समर्थन?
हम कभी ये लड़ाई नहीं चाहते थे, अगर हमारे उपर कोई हमला करेगा तो हमें अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है. हजारों ईरानियों को पिछले हफ्ते मार दिया गया, क्या यूएस के पास लोगों को मारने का अधिकार है, उनके लीडर चुनने का अधिकार है,क्या हमें अपना बचाव करने का भी अधिकार नहीं है. उनके पास ईरान के आसपास 33 बेस हैं. वे क्या कर रहे हैं यहां, भारतीयों ने अमेरिकी और इजरायल के इस हमले का विरोध किया है, और खामेनेई की हत्या पर श्रद्धांजलि अर्पित की है. अगर चीन और रूस हमारा समर्थन कर रहे होते तो हमारी स्थिति इससे बेहतर होती, वेस्ट मीडिया काफी फेक न्यूज भी फैलाती है.
Source: IOCL



























