Marko Rubio: नए अमेरिकी विदेश मंत्री का पहला दिन भारत के नाम! क्वाड मीटिंग और एस जयशंकर से मुलाकात बढ़ाएगी चीन की चिंता
Marko Rubio: अमेरिका के नए विदेश मंत्री ने पद संभालते ही सबसे पहले क्वाड की बैठक की मेजबानी की. इसके बाद उनकी पहली द्विपक्षीय वार्ता भारतीय विदेश मंत्री के साथ हुई.

Marko Rubio: अमेरिका की नई ट्रंप सरकार में भारत को तरजीह मिलेगी, यह बात डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद के शपथ लेने के अगले ही दिन साफ हो गई. ट्रंप ने सोमवार (20 जनवरी) को दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली और अगले ही दिन यानी मंगलवार (21 जनवरी) को उनकी विदेश नीति में भारत को प्राथमिकता दी गई. ट्रंप सरकार के नए विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने कार्यकाल के पहले ही दिन क्वाड मीटिंग में भाग लिया और फिर उन्होंने अपनी पहली द्विपक्षीय बातचीत भी भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ की.
क्वाड चार देशों का संगठन है. इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल हैं. यह चारों देश इस संगठन के माध्यम से आपसी सहयोग को बढ़ावा देते रहे हैं. साथ ही यही वह समूह है जो चीन की हर चाल को भी चुनौती देता रहा है. डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में ही इसकी पहल हुई थी और अब अपने दूसरे कार्यकाल में भी ट्रंप ने इसी समूह की बैठक से अपने तेवर जाहिर कर दिए हैं.
मंगलवार को चारों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई. मार्को रुबियो के ऑफिस संभालते ही पहली बैठक के रूप में क्वाड को चुनना चीन को सांकेतिक तौर पर तीखा संदेश देने जैसा है. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला, स्थिर और समृद्ध सुनिश्चित करने के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई. इसमें आपसी सहयोग को तेज करने पर भी सहमति बनी.
Attended a productive Quad Foreign Ministers’ Meeting today in Washington DC. Thank @secrubio for hosting us and FMs @SenatorWong & Takeshi Iwaya for their participation.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 21, 2025
Significant that the Quad FMM took place within hours of the inauguration of the Trump Administration. This… pic.twitter.com/uGa4rjg1Bw
इसके ठीक बाद नए अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपनी पहली द्विपक्षीय बातचीत के लिए भी भारत को चुना. विदेश मंत्री जयशंकर के साथ उनकी यह मुलाकात आधे घंटे से ज्यादा चली. इस बैठक में भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत हुई. एस जयशंकर ने मीटिंग के बाद बताया कि इस बैठक में भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा हुई और इसके साथ ही कई स्थानीय और वैश्विक मुद्दों पर एक-दूसरे का नजरिया साझा किया गया.
किन मुद्दों पर हुई बातचीत?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने इस बैठक के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया, 'बैठक में अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की गई. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों और अमेरिका-भारत संबंधों को और गहरा करने के अवसरों सहित कई विषयों पर चर्चा की. विशेष रूप से उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा सहयोग, ऊर्जा और एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को आगे बढ़ाने पर बातचीत हुई. इस दौरान विदेश मंत्री रुबियो ने आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने और अनियमित प्रवास से संबंधित चिंताओं को दूर करने के लिए भारत के साथ काम करने की ट्रम्प प्रशासन की इच्छा पर भी जोर दिया.'
Delighted to meet @secrubio for his first bilateral meeting after assumption of office as Secretary of State.
Reviewed our extensive bilateral partnership, of which @secrubio has been a strong advocate.
Also exchanged views on a wide range of regional and global issues.
Look… pic.twitter.com/NVpBUEAyHK
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 21, 2025
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Source: IOCL






















