डोनाल्ड ट्रंप और ट्रूडो ने भारतीयों को दिया झटका तो सऊदी प्रिंस लेकर आए खुशखबरी, अब से बदल गया ये नियम
Indians in Saudi Arabia : भारत से बड़ी संख्या में लोग स्किल्ड, सेमीस्किल्ड और अनस्किल्ड लेबर के तौर पर सऊदी अरब में काम कर रहे हैं. MEA के मुताबिक, सऊदी अरब में 26 लाख से ज्यादा भारतीय रह रहे हैं.

Saudi Arabia Crown Prince MBS : एक ओर संयुक्त राज्य अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने देश में अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई करते हुए करीब 18 हजार भारतीयों को डिपोर्ट करने का आदेश दिया है. वहीं, दूसरी ओर कनाडा में साल 2025 के लिए दूसरे देशों से पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों की संख्या मात्र 5,05,162 तय की गई है. विदेशों में ऐसे कानूनों के लागू होने से भारतीयों को काफी नुकसान होने की बात कही जा रही है. उन लोगों के लिए ये किसी झटके से कम नहीं जो रोजगार, शिक्षा और एक बेहतर जिंदगी के लिए इन विकसित देशों की ओर जाने का प्लान कर रहे हैं.
हालाकि ऐसे लोगों के लिए इस्लाम का गढ़ कहे जाने वाले देश सऊदी अरब से बड़ी खुशखबरी आई है. वहां के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने देश में एक ऐसी नीति की शुरुआत की है जो भारतीयों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है. दरअसल, सऊदी के मंत्रालय ने मंगलवार (21 जनवरी) को देश में जबरन श्रम मजदूरी को खत्म करने के लिए एक नई नीति की शुरुआत की है. इस नीति के लागू होने के बाद सऊदी अरब ऐसा पहला देश बन गया है, जिसने सुरक्षित काम का माहौल बनाने की दिशा में कदम उठाया है और सऊदी में अन्य देशों से आने वाले मजदूरों और कामगारों के हितों का ख्याल रखा है.
उल्लेखनीय है कि भारत से बड़ी संख्या में लोग स्किल्ड, सेमीस्किल्ड और अनस्किल्ड लेबर के तौर पर सऊदी अरब के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. MEA के आकंड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब में 26 लाख से ज्यादा भारतीय रह रहे हैं.
जबरन श्रम सम्मेलन के 2014 प्रोटोकॉल को मानने वाला सऊदी पहला GCC सदस्य
सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के जबरन श्रम सम्मेलन के 2014 प्रोटोकॉल को मानने वाला पहला GCC सदस्य है और इस नीति को पेश करने के बाद पहला अरब देश बन गया है, जो जबरन श्रम को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रहा है.
सऊदी के मंत्री ने क्या दिया बयान?
सऊदी अरब के कार्य वातावरण नियंत्रण और विकास के उप मंत्री सत्तम अल-हरबी ने अपने एक बयान में कहा, “जबरन मजदूरी को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय नीति की शुरुआत सऊदी अरब के लिए एक मील का पत्थर है. यह देश में रहने और काम करने वाले सभी लोगों के एक सुरक्षित वातावरण बनाने और उनके अधिकारों की रक्षा को सुनिश्चत करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.”
सऊदी के क्राउन प्रिंस MBS के विजन 2030 का है एक भाग
सऊदी अरब की राष्ट्रीय नीति क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. जिसके जरिए वह दुनिया के यह दिखाना चाहते हैं कि सऊदी अरब काम करने, रहने और पर्यटन से लेकर हर लिहाज से किसी विकसित देश के कहीं कम नहीं है.
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