2,200 KM/Hr की स्पीड, 10,000 Kg हथियारों के साथ PAK तैनात कर रहा 5th जेनरेशन स्टेल्थ लड़ाकू विमान... भारत के लिए कितना खतरा?
पाकिस्तान चीन से 34-36 FC-31 एयरक्राफ्ट खरीद सकता है, जो अगले एक से डेढ़ साल में 6-6 के बैच में चीन पाकिस्तान भेजेगा.

भारत के साथ तनाव के बीच पाकिस्तान अपनी वायु सेना (PAF) की ताकत बढ़ाने के लिए पांचवी पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट शामिल करने की तैयारी कर रहा है. कुछ ही महीनों में पाकिस्तानी एयरफोर्स के पास शेनयांग FC-31 जायरोफाल्कन स्टेल्थ फाइटर जेट पहुंच जाएंगे, जिसको PL-17 मिसाइलों से लैस किया जाएगा.
डिफेंस के मामलों से जुड़ी वेबसाइट JANES ने एक सीनियर पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है. अधिकारी का कहना है कि कुछ ही महीनों में चीन एयरक्राफ्ट की डिलीवरी पाकिस्तान के लिए शुरू कर देगा और पाकिस्तानी वायु सेना के पायलट अभी भी चीन में फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट उड़ाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं. अधिकारी ने डील को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है कि कब ये डील हुई.
माना जा रहा है कि FC-31 चीनी J-35A फिफ्थ जेनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट का ही एक्सपोर्ट वैरिएंट है. पिछले साल नवंबर में चीन ने जुहाई एयर शो में J-35A एयरक्राफ्ट को पहली बार दुनिया के सामने पेश किया था, जिसके बाद काफी चर्चाएं भी शुरू हो गई थीं और इसकी तुलना अमेरिकी F-35 से होने लगी थी.
पिछले महीने ही मई में एक और पाकिस्तान के सरकारी अधिकारी ने FC-31 को लेकर अहम जानकारी दी थी कि इस स्टेल्थ एयरक्राफ्ट को हवा से हवा में वार करने वाली चीनी मिसाइलों PL-17 से लैस किया जाएगा. PL-17 की रेंज 400 किलोमीटर तक है. पिछले साल दिसंबर में ये भी रिपोर्ट्स आई थीं कि दो साल में चीन पाकिस्तान को 40 J-35A एयरक्राफ्ट भेजेगा. पाकिस्तान 30-36 FC-31 एयरक्राफ्ट खरीद सकता है, जो अगले 12-18 महीनों में 6-6 के बैच में चीन से पाकिस्तान आएंगे.
FC-31 जायरोफाल्कन फाइटर जेट क्या है?
FC-31 जायरोफाल्कन पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है, जिसे चीन की कंपनी शेनयांग एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ने बनाया है. इसको अमेरिका के J-35 और J-20 से मुकाबला करने के लिए बनाया गया था. यह स्टेल्थ डिजाइन, AESA रडार और आंतरिक हथियार है, जो रडार से बचने में मदद करता है.
FC-31 जायरोफाल्कन की खासियतें-
स्पीड- यह मैक 1.8 यानी 2,200 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ान भरता है.
रेंज- 1,200 किमी (हवा में ईंधन भरने के बाद 1,900 किमी)
क्षमता- इसमें PL-17 मिसाइल को लगाया जा सकता है, जिसकी रेंज 400 किमी है और ये रडार से बचकर दूर से हमला कर सकती है. इसमें 6-6 बाहरी और अंदरूनी हार्डपॉइंट्स हैं, जिनमें कुल 10 हजार किलोग्राम वजन के हथियार लोड किए जा सकते हैं. हवा से हवा में मार करने वाली मीडियम रेंज की 12 मिसाइलें लगाई जा सकती हैं. हवा से जमीन में हमला करने वाली 8 सुपरसोनिक और 500 किलोग्राम के 8 डीप-पेनेट्रेशन बम लग सकते हैं या 30 छोटे बम.
वजन- यह 28 हजार किलोग्राम के वजन के साथ टेकऑफ कर सकता है.
इंजन- इसका WS-19 इंजन 12 टन थ्रस्ट देता है.
भारत की रणनीति
भारत पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ एयरक्राफ्ट जैसे खतरों से निपटने के लिए तेजी से काम कर रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने AMCA के लिए प्रतिस्पर्धी मॉडल को मंजूरी दे दी है, जिसका प्रोटोटाइप 2026-27 तक तैयार हो जाएगा. AMCA Mk1 (आंशिक स्टेल्थ) 2030 तक और Mk2 (पूर्ण स्टेल्थ) 2035 तक तैयार हो जाएगा.
जहां तक FC-31 का सवाल है तो इसमें खासियतों के साथ कुछ खामियां भी हैं, जो भारत के लिए राहत की बात है. इसका स्टेल्थ J-20 या F-35, जितना एडवांस नहीं है. पाकिस्तानी वायुसेना को नए जेट को जल्दी शामिल करने में लॉजिस्टिक और ट्रेनिंग की दिक्कत होगी और पाक की कमजोर अर्थव्यवस्था के सामने ये महंगा प्रोजेक्ट बड़ी चुनौती है.
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