India Strikes in Pakistan: भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद घबराया पाकिस्तान का मुस्लिम दोस्त! जानें क्या दे दिया मैसेज
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर कतर ने चिंता जताई है और दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है.

Operation Sindoor: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत जैसे ही पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों पर हमला किया, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस क्षेत्र पर टिक गईं. इन घटनाओं के बीच कतर ने बयान जारी किया है, जिसमें उसने दोनों पक्षों से संयम और संवाद की अपील की है.
कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम दोनों देशों से संयम बरतने, विवेक की आवाज़ को सुनने और कूटनीतिक माध्यमों से मसलों को हल करने का आग्रह करते हैं. यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए जरूरी है. इस बयान से साफ है कि कतर टकराव की बजाय सुलह और संवाद को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. यह न केवल एक कूटनीतिक बयान है, बल्कि भारत और पाकिस्तान जैसे दो परमाणु संपन्न देशों के बीच संभावित युद्ध की विभीषिका को टालने का प्रयास भी है.

कतर की भूमिका
कतर अपने कूटनीतिक संतुलन और वैश्विक मध्यस्थता प्रयासों के लिए जाना जाता है. अफगान तालिबान और अमेरिका के बीच बातचीत हो या इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष, कतर ने कई बार मध्यस्थ की भूमिका निभाई है. कतर ने अब तक भारत और पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध बनाए रखे हैं. इसके अलावा दोहा में कई अंतरराष्ट्रीय वार्ताएं हो चुकी हैं, जो इसे एक विश्वसनीय स्थल मानी जाती है. कतर ने बयान में यह भी कहा कि वह सभी क्षेत्रीय और वैश्विक प्रयासों का समर्थन करता है जो शांति और स्थिरता को बढ़ावा दें.
पाकिस्तान के लिए संदेश क्यों जरूरी है?
भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु हथियार संपन्न देश हैं. यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती है तो उसके परिणाम केवल उपमहाद्वीप ही नहीं, पूरी दुनिया भुगतेगी. खाड़ी देश कतर और UAE भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए तेल, गैस और व्यापार के अहम स्रोत हैं. इस क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर डाल सकती है.
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