79 साल के हुए ट्रंप, सेना की 250वीं वर्षगांठ और 'No Kings' विरोध प्रदर्शन... अमेरिका में जश्न पर खर्च होंगे 350 करोड़
Anti-Trump Protests in US: शनिवार को अमेरिका के सभी 50 राज्यों में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने 'No Kings' नाम के बैनर तले तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई.

No Kings Movement USA: शनिवार (14 जून, 2025) को अमेरिका के सभी 50 राज्यों में डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए. ये प्रदर्शन उस वक्त शुरू हुए जब ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी (Washington DC) में अमेरिकी सेना की 250वीं सालगिरह और अपने 79वें जन्मदिन पर एक भव्य सैन्य परेड की अध्यक्षता की.
राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने 'No Kings' नाम के बैनर तले ट्रंप की तानाशाही सोच और नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई. उन्होंने ट्रंप प्रशासन की घरेलू नीतियों की भी आलोचना की. विरोध के दौरान कई शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका में तानाशाही नहीं चलेगी. पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और फ्लैश बम का इस्तेमाल किया। वहां मौजूद परिवार और आम लोग डरे हुए दिखे.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयोजित सैन्य परेड को लेकर उनके विरोधियों ने तीखी आलोचना की है. उनका कहना है कि यह परेड अमेरिकी सेना की वर्षगांठ के बहाने की गई, लेकिन असल मकसद ट्रंप की व्यक्तिगत छवि को चमकाना था.
परेड पर खर्च हुए करीब 350 करोड़ रुपये
विरोधियों का यह भी कहना है कि अमेरिका में सैन्य परेड की कोई स्थापित परंपरा नहीं है और 34 साल बाद ऐसा आयोजन हो रहा है, जो सामान्य नहीं माना जा सकता.
इस परेड पर खर्च हुए करीब 350 करोड़ रुपये (लगभग 43 मिलियन डॉलर) को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने नाराजगी जताई है. उन्होंने इसे करदाताओं के पैसों की बर्बादी बताया.
ट्रंप पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि वे सैन्य ताकत का राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रहे हैं. उनके आलोचकों का कहना है कि इस तरह की परेड अमेरिका की लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है.
लॉस एंजेलिस में विरोध के बाद भड़की हिंसा
पिछले हफ्ते अमेरिका के आव्रजन विभाग (Immigration Department) ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ छापेमारी कर कई लोगों को हिरासत में लिया. इसके खिलाफ लॉस एंजेलिस (Los Angeles) में विरोध तेज हो गया और जल्द ही हिंसा में बदल गया.
राष्ट्रपति ट्रंप ने दिया नेशनल गार्ड्स की तैनाती का आदेश
हालात काबू में लाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेशनल गार्ड्स की तैनाती का आदेश दिया. इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया और शहर में दंगे और आगजनी होने लगी. हालांकि, अब लॉस एंजेलिस में शांति है, लेकिन विरोध अभी भी जारी है.
ट्रंप की नीतियों के खिलाफ विरोध न्यूयॉर्क, डेनवर, शिकागो और ऑस्टिन जैसे शहरों में भी देखा गया. लोगों ने प्रदर्शन मार्च निकालकर अपनी नाराजगी जताई और कहा कि सरकार की नीतियां अन्यायपूर्ण और कठोर हैं.
ये भी पढ़ें-
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















