अब ईरान ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर किया सर्जिकल स्ट्राइक, छुड़ा ले गए अपने आर्मी के जवान
16 अक्टूबर 2018 को जैश उल-अदल संगठन ने दोनों देशों की सीमा के बीच पाकिस्तान के सिस्तान शहर के मेरवाका और बलोचिस्तान प्रांत से 12 ईरानी के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स को किडनैप कर लिया था.

ईरान ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकियों के चंगुल से अपने सेना के 2 जवानों को छुड़ाकर वापस ले जाने का दावा किया है. अमेरिका और भारत के बाद ईरान ऐसा तीसरा देश है जिसने पाकिस्तान के अंदर घुसकर सर्जिकल ऑपरेशन को अंजाम दिया है. ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तानी क्षेत्र में इंटेलिजेंस ऑपरेशन के बाद उन्होंने अपने दो जवानों को मुक्त कराया है.
आईआरजीसी ने एक बयान में कहा- मंगलवार की रात सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम दिया गया और जैश उल-अदल संगठन के चंगुल से अपने दोनों जवानों को छुड़ा लिया गया. इन दोनों जवानों का ढाई साल पहले अपहरण किया गया था. बयान के मुताबिक, सेना ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम दिया और वापस ईरान लौट आई.
16 अक्टूबर 2018 को जैश उल-अदल संगठन ने दोनों देशों की सीमा के बीच पाकिस्तान के सिस्तान शहर के मेरवाका और बलोचिस्तान प्रांत से 12 ईरानी के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स को किडनैप कर लिया था. इसके बाद तेहरान और इस्लामाबाद के सैन्य अधिकारियों की तरफ से संयुक्त रूप से कमेटी बनाई गई थी ताकि उन्हें मुक्त कराया जा सके. इनमें से 15 नवंबर 2018 को पांच ईरानी सैनिकों को छोड़ दिया गया था और पाकिस्तानी सेना ने 21 मार्च 2019 को चार ईरानी जवानों को छुड़ा लिया था.
जैश उल-अदल संगठन को तेहरान ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है. यह आतंकवादी संगठन ईरान में नागरिक और सैन्य ठिकानों पर कई हमले कर चुका है. बलूचिस्तान में निर्दोष लोगों के नरसंहार के लिए इस आतंकी संगठन को पाकिस्तानी सेना से पूरा समर्थन मिलता है. इस संगठन ने ईरानी सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है और इसका कहना है कि वे ईरान में बलोच सुन्नी के अधिकारों की रक्षा कर रहा है.
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Source: IOCL






















