ट्रंप के 'वीजा बम' से मची अफरा-तफरी, घबराए यात्री करने लगे फ्लाइट से उतारने की मांग, वीडियो वायरल
US H-1B Visa Fee hike: H-1B वीजा तीन साल के लिए दिया जाता है और इसे तीन साल और बढ़ाया जा सकता है, लेकिन नई फीस लागू होने पर भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरी और रहना बेहद मुश्किल हो सकता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H-1B वीजा की फीस को सालाना 1 लाख डॉलर करने के ऐलान के बाद भारतीय समुदाय में भारी दहशत फैल गई. इसका असर हवाई अड्डों पर भी दिखा, जहां कई यात्री डर के कारण विमान से उतर गए.
सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट पर अफरातफरी
सैन फ्रांसिस्को इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमीरात की एक फ्लाइट में भारतीय यात्री सवार हो चुके थे. तभी H-1B वीजा फीस बढ़ने की खबर फैल गई. इसके बाद यात्रियों ने घबराकर विमान से उतरने की मांग शुरू कर दी. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि दर्जनों यात्री ग्राउंड स्टाफ से विमान से बाहर जाने की गुहार लगा रहे थे. अफरातफरी इतनी बढ़ गई कि फ्लाइट करीब तीन घंटे देर से रवाना हुई.
Someone on instagram posted a video from San Francisco 👇
— URScrewed 🇬🇧 (@URScrewed_) September 20, 2025
Chaos for Emirates passengers at San Francisco Airport Friday morning after Trump’s #h1b order panicking Indian passengers and some leaving aircraft.
As a result, aircraft was delayed for three hours amidst announcement pic.twitter.com/MWo859gPlx
कंपनियों ने जारी की चेतावनी
खबर के बाद माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और जेपी मॉर्गन जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को सलाह दी. उन्होंने कहा कि जो लोग अमेरिका के बाहर हैं, वे तुरंत लौट आएं. वहीं, जो पहले से अमेरिका में हैं उन्हें अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचने की चेतावनी दी गई. फिलहाल H-1B वीजा फीस 2,000 से 5,000 डॉलर के बीच होती है. लेकिन नई नीति लागू होने पर यह फीस सालाना 1 लाख डॉलर हो जाएगी. इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारतीय आईटी पेशेवरों पर पड़ेगा, क्योंकि H-1B वीजा धारकों में 70% से ज्यादा भारतीय हैं.
तीन साल के लिए मान्य होता है H-1B वीजा
H-1B वीजा तीन साल के लिए दिया जाता है और इसे तीन साल और बढ़ाया जा सकता है, लेकिन नई फीस लागू होने पर भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरी और रहना बेहद मुश्किल हो सकता है.
ट्रंप ने सरकारी आदेश पर किए हस्ताक्षर
ट्रंप ने शुक्रवार को एक अहम घटनाक्रम के तहत एक सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिससे अमेरिका में एच-1बी वीजा पर काम कर रहे भारतीय पेशेवरों पर प्रभाव पड़ेगा। इस आदेश के तहत 'विशेष व्यवसाय' में कार्यरत आप्रवासियों को एच-1बी आवेदनों के साथ 100,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान नहीं करने पर अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह आदेश 21 सितंबर 2025 रात 12:01 बजे से प्रभावी होगा।
Source: IOCL






















