'देश-विरोधी लोगों के दावे पर...', UK की संसदीय रिपोर्ट को भारत ने खारिज कर कही बड़ी बात
Indian Foreign Ministry: भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार प्रतिबंधित संस्थाओं और लोगों से जुड़े हैं, ऐसे में इसकी विश्वसनीयता पर खुद सवाल उठता है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (1 अगस्त, 2025) को ब्रिटेन की संसदीय समिति की एक रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है. इस रिपोर्ट के तहत भारत पर ब्रिटेन में ट्रांसनेशनल रिप्रेशन (TNR) की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन की ओर से किए जाए रहे इन दावों को बेबुनियाद और निराधार बताते हुए कहा कि इस रिपोर्ट का आधार भारत से दुश्मनी रखने वाले संदिग्ध और बदनाम लोग हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी जानकारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार (1 अगस्त, 2025) को बयान देते हुए कहा, “हमने ब्रिटेन की संसदीय समिति की रिपोर्ट में भारत का जिक्र देखा है और इन बेबुनियाद आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं. ब्रिटेन की समिति की ओर से किए जा रहे ये दावे निराधार और संदिग्ध स्रोतों से लिए गए हैं, जो मुख्य रूप से प्रतिबंधित संस्थाओं और लोगों से जुड़े हैं और जिनका इतिहास स्पष्ट रूप से भारत विरोधी और भारत के साथ दुश्मनी का रहा है.” उन्होंने कहा, “इस रिपोर्ट के आधार प्रतिबंधित संस्थाओं और लोगों के जुड़े हैं, ऐसे में इस रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर खुद सवाल उठता है.”
ब्रिटिश संसदीय समिति की रिपोर्ट में भारत समेत 10 से ज्यादा देशों के नाम शामिल
उल्लेखनीय है कि ब्रिटिश संसद की मानवाधिकारों पर संयुक्त समिति (JCHR) ने ब्रिटेन में ट्रांसनेशनल रिप्रेशन के टाइटल के साथ अपनी रिपोर्ट को प्रकाशित किया. इस रिपोर्ट में भारत समेत दुनिया के कई और देशों के नाम शामिल हैं, जिन पर ब्रिटेन में लोगों और समुदायों का दमन करने और चुप कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है. इस रिपोर्ट में कहा गया कि यूके में TNR को बढ़ावा देने वाले देशों में बहरीन, चीन, मिस्र, इरिट्रिया, भारत, ईरान, पाकिस्तान, रूस, रवांडा, सऊदी अरब, तुर्किए और संयुक्त अरब अमीरात (uae) का नाम शामिल है और इसके कई सबूत भी मिले हैं.
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Source: IOCL





















