पाकिस्तान की फिर भरी झोली, अब मिली 800 मिलियन डॉलर की भीख? टेंशन में भारत, कहा- 'साफ दिखता है कि...'
भारत ने ADB द्वारा पाकिस्तान को दिए गए 800 मिलियन डॉलर के कर्ज पर चिंता जताई है. भारत का कहना है कि पाक इस फंड का इस्तेमाल विकास के बजाय रक्षा खर्च में कर सकता है.

भारत ने एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा पाकिस्तान को हाल ही में मंजूर किए गए 800 मिलियन डॉलर के फंडिंग प्रोग्राम पर गंभीर आपत्ति जताई है. भारत को आशंका है कि यह फंड विकास की जगह पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा खर्च में इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर तब जब उसकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है.
लगातार बढ़ रहा है पाकिस्तान का रक्षा बजट
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की टैक्स वसूली (Tax-to-GDP Ratio) लगातार गिर रही है, जबकि उसका रक्षा बजट बढ़ता जा रहा है. ऐसे में ADB जैसे बाहरी संस्थानों से मिलने वाली 'नीति आधारित सहायता राशि' (Policy-based Loans) का गलत इस्तेमाल हो सकता है. भारत ने साफ कहा कि अगर पहले के ADB और IMF प्रोग्राम सफल होते तो पाकिस्तान को 24वीं बार IMF से बेलआउट पैकेज नहीं लेना पड़ता.
क्या है यह नया फंडिंग प्रोग्राम?
ADB ने 3 जून को पाकिस्तान के लिए Improved Resource Mobilization and Utilization Reform Program- Subprogram 2 नामक योजना को मंजूरी दी. इसके तहत, $300 मिलियन की नीति-आधारित ऋण (policy-based loan) और $500 मिलियन की गारंटी (Guarantee), जिससे कमर्शियल बैंकों से $1 बिलियन तक का फंड जुटाया जा सकता है.
भारत ने ADB से क्या कहा?
भारत ने ADB से कहा है कि इस फंड के उपयोग पर सख्त निगरानी रखी जाए. पाकिस्तान की आर्थिक कमजोरी ADB के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है. भारतीय सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में सेना का गहरा हस्तक्षेप नीतियों में बदलाव और सुधारों की रफ्तार को प्रभावित करता है. वहां सेना अभी भी आर्थिक मामलों में बहुत प्रभाव रखती है.
भारत ने कहा है कि पाकिस्तान की टैक्स से होने वाली कमाई 2018 में 13% थी, जो 2023 में घटकर सिर्फ 9.2% रह गई. जबकि एशिया-प्रशांत देशों में यह औसत 19% है. कम आमदनी के बावजूद, पाकिस्तान ने इन सालों में अपने रक्षा खर्च को बढ़ा दिया. भारत का कहना है कि इससे साफ दिखता है कि पाकिस्तान अपनी कमाई का सही इस्तेमाल नहीं कर रहा.
ये भी पढ़ें-
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















