डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ दांव से बौखला गया चीन, बड़े अवसर की तलाश में शी जिनपिंग ने अपनाया वो प्लान जिससे होगा बंपर फायदा
US Tariff attack: अमेरिका में दूसरी बाद सत्ता संभालने के कुछ ही दिनों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा, मैक्सिको और चीन पर टैरिफ लगा दिया. हालांकि, कनाडा और मैक्सिको को अभी इससे राहत मिली हुई है.

US-China Trade War : अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वार गहराता जा रहा है. अमेरिका के राष्ट्र्पति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्याकाल में पहले पड़ोसी देश कनाडा और मैक्सिको पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया, वहीं अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी देश चीन पर भी 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैक्स लगा दिया.
हालांकि, ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको से संवाद कर 25 प्रतिशत के टैरिफ को एक महीने के लिए टाल दिया है, लेकिन चीन के लिए ऐसा कोई अवसर नहीं मिला. 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगने से बौखलाए चीन ने भी अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले सामानों पर 10 से 15 प्रतिशत का जवाबी टैक्स लगा दिया.
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने की घोषणा
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार (4 फरवरी) को घोषणा की कि वह अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले कई उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगा रहा है. इसके अलावा चीन ने अमेरिकी टेक जायंट कंपनी गूगल पर जांच और अन्य व्यापार संबंधी उपायों की भी घोषणा की है. चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में कहा कि वह अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले कोयला और लिक्वीफाइड नेचुरल गैस (LNG) पर 15 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा और कच्चे तेल, कृषि उपकरण, बड़ी कारें, पिकअप ट्रक पर 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाएगा. हालांकि, चीन ने 10 फरवरी से अमेरिका पर टैरिफ लागू करने की घोषणा की है.
अपने बयान में चीन ने कहा, “अमेरिका की ओर से लगाया गया टैरिफ विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का उल्लंघन करता है. इस कदम से हमारी किसी समस्या का हल नहीं होगा, बल्कि यह दोनों देशों के बीच सामान्य आर्थिक और व्यापार सहयोग को नुकसान पहुंचाएगा.”
ट्रंप के दांव से परेशान हैं जिनपिंग
अमेरिकी राष्ट्रपति के उठाए कदम से चीन बौखलाया हुआ है. क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से ही सुस्त चल रही है, ऐसे में अतिरिक्त अमेरिकी टैक्स से चीन को तगड़ा झटका लगा है. अपने पिछले राष्ट्रपति कार्यकाल में भी ट्रंप ने चीन पर टैरिफ लगाया था. हालांकि इस बार चीन इस दांव को लेकर पहले से ही चौकन्ना था. ट्रंप के पिछले दांव से सीख लेकर चीन ने अपना अधिकांश बाजार अमेरिका के बजाए अन्य देशों में फैला लिया है. जिससे कि अमेरिकी कार्रवाई के कारण चीनी अर्थव्यवस्था पर ज्यादा प्रभाव न पड़े.
बड़े अवसर पर है चीन की नजर
चीन ने अपना उपभोक्ता बाजार अमेरिका के इतर अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में शिफ्ट कर दिया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस ट्रेड और टैरिफ वार के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नजर बड़े अवसर पर है, क्योंकि ट्रंप ने एक साथ कई मोर्चे पर जंग छेड़ दी है.
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