इस्लामिक NATO सैन्य संगठन बनाने की तैयारी में मुस्लिम देश? कतर पर इजरायली हमले के बाद मिस्र ने रखा प्रस्ताव
Arab-Islamic Summit: कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने कहा कि इजरायल ने सभी हदों को पार कर दिया है, वह किसी अंतरराष्ट्रीय नियम की परवाह नहीं कर रहा, उस पर लगाम लगाना जरूरी है.

कतर की राजधानी दोहा में पिछले हफ्ते इजरायल ने हवाई हमले को अंजाम दिया था. इजरायल के इस हमले पर दुनिया के कई मुस्लिम देशों ने नाराजगी जताई. वहीं, अब इजरायल हमले के पलटवार की रणनीति बनाने के लिए दुनिया भर के 50 से ज्यादा मुस्लिम देशों के नेता कतर की राजधानी दोहा में सोमवार (15 सितंबर, 2025) को बैठक करने वाले हैं.
हालांकि, रविवार (14 सितंबर, 2025) को भी मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों ने बैठक की, जिसमें मुस्लिम देशों ने एक अरब सैन्य संगठन बनाने को लेकर भी चर्चा की. कतर की मेजबानी में होने वाले शिखर सम्मेलन में सऊदी अरब, मिस्र, ईरान, पाकिस्तान, तुर्की समेत अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के 50 से ज्यादा सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे.
मिस्र ने अरब सैन्य संगठन बनाने का रखा प्रस्ताव
दरअसल, रविवार (14 सितंबर, 2025) को हुई बैठक में मिस्र ने कतर पर इजरायल के हमले के बाद कायरो-आधारित ‘अरब नाटो’ सैन्य संगठन बनाने की पैरवी की. मिस्र अरब दुनिया का वो देश है, जिसके पास सबसे बड़ी सेना है. वहीं, इस बैठक में दुनिया का एकमात्र परमाणु-संपन्न मुस्लिम देश पाकिस्तान भी सक्रिय रूप से शामिल रहा. पाकिस्तान ने भी बैठक में एक संयुक्त टास्क फोर्स बनाने का आह्वान किया, जो इलाके में इजरायल की गतिविधियों पर नजर रखे और इजरायल के किसी भी विस्तारवादी योजना को रोकने के लिए प्रभावी और समन्वित तरीके से आक्रामक कदमों को उठा सके.
पाकिस्तान ने पेश किए सात-सूत्री प्रस्ताव
रविवार को हुए मंत्रिस्तरीय बैठक में पाकिस्तान ने सात-सूत्री प्रस्ताव पेश किया. पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कतर पर इजरायली हमलों को लेकर कहा कि इजरायल को संयुक्त राष्ट्र (UN) से निकाला जाए.
हमास के नेताओं को इजरायल ने बनाया था निशाना
दरअसल, इजरायल ने पिछले हफ्ते आतंकवादी संगठन हमास के नेताओं को निशाना बनाकर कतर की राजधानी दोहा में हमला किया था. हालांकि कतर में इजरायल की ओर से हवाई हमले के बाद मुश्लिम देश नाराज हो गए.
इजरायल को अंतरराष्ट्रीय नियमों की परवाह नहीं- अल थानी
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने रविवार (14 सितंबर, 2025) को हुई बैठक में कहा कि इजरायल ने सभी हदों को पार कर दिया है. इजरायल किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम की परवाह नहीं कर रहा है, इसलिए उस पर लगाम लगाना जरूरी है.
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अरब-इस्लामिक शिखर सम्मेलन में कतर पर इजरायल के हमले के पलटवार को लेकर चर्चा की जाएगी. इस दौरान कई अहम प्रस्ताव भी पारित किए जा सकते हैं. 50 से ज्यादा मुस्लिम देशों के नेताओं के बीच होने वाली इस शिखर सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर अटकी है.
मुस्लिम देशों के नेताओं ने कतर के लिए दिखाई एकजुटता
दोहा शिखर सम्मेलन को लेकर राजनयिकों ने कहा कि इस बैठक से इजरायल और अमेरिका को सख्त संदेश दिया जाएगा. वहीं, अरब लीग के महासचिव अबुल गेत ने बयान दिया कि इस जुटान का संदेश बिल्कुल साफ है कि कतर अकेला नहीं है, अरब और इस्लामी देश उसके साथ खड़े हैं.
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Source: IOCL






















