वाराणसी: प्रधान डाकघर में करोड़ों रुपए का घोटाला, तीन डाक सहायक निलंबित
घोटाला सामने आने के बाद तीन डाक सहायकों को निलंबित कर दिया गया है. डाक घर पर खाताधारकों की लंबी कतार लग रही है लोग बस ये जानना चाहते हैं कि आखिर उनके पैसे कहां गए.

वाराणसी: वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र स्थित प्रधान डाक घर में हजारों खाताधारकों द्वारा जमा किए हुए रुपयों और फिक्स डिपॉजिट में सेंध लग गई है. डाक घर में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है. पैसा जमा किए जाने के बावजूद खाताधारकों के अकाउंट में पैसा नहीं दिख रहा. ये खबर आने के बाद हड़कंप मच गया है.
इस घोटाले के सामने आने के बाद डाकघर प्रशासन में हड़कंप मचने के साथ ही अधिकारी दफ्तर छोड़कर भाग गए हैं. इस पूरे मामले के लिए बनाए गए डाकखाने के जांच अधिकारी सुपरिटेंडेंट पीआर सरोज से जब सवाल पूछा गया तो वह चुप्पी साध गए और अपने चेंबर से बाहर निकल जाने तक को कह डाला. मामले का खुलासा होने पर आनन-फानन में अधिकारियों ने तीन डाक सहायकों को निलंबित कर दिया और जांच की जिम्मेदारी डाक अधीक्षक को सौंप दी.
लेकिन इन सब के बीच वो जमाकर्ता परेशान हैं जिनकी मेहनत की कमाई इस घोटाले में डूबती नजर आ रही है. सभी पीड़ित डाकखाने में इधर उधर परेशान होते नजर आए तो कुछ ऐसी महिलाएं भी थी जो अपने बच्चों के लिए पाई-पाई करके पैसे जमा कर रही थीं. इस खुलासे के बाद उनकी की तो मानों दुनिया ही बदल गई.
इस पूरे मामले पर पीड़ितों द्वारा शिकायत मिलने के बाद पुलिस भी कार्रवाई में जुट गई है. जनता की नाराजगी देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में फोर्स भी तैनात कर दी है.
पीड़ित जमाकर्ताओं में दर्जन तो ऐसे हैं जिन्होंने अपने खातों में पांच लाख से भी अधिक राशि जमा करवाई थी और आज उनके खाते में हजार रुपये से भी कम दिख रहे हैं. अब ये डाक विभाग का चक्कर काट रहे हैं और डाक विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी नजर नहीं आ रहा है जो इन्हें इनकी परेशानी का हाल बता सके.
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