प्रयागराज: मरीजों का जीना हो गया है मुहाल, भारी पड़ रही है डॉक्टर्स की हड़ताल
बता दें कि मरीजों को आज चौथे दिन भी मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है. परेशान मरीज हड़ताली डॉक्टर्स से काम पर वापस लौटने की अपील कर रहे हैं, लेकिन धरती के भगवान कतई पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

प्रयागराज: पश्चिम बंगाल के डॉक्टर्स की हड़ताल के समर्थन में संगम नगरी प्रयागराज के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर्स आज लगातार चौथे दिन भी हड़ताल पर हैं. डॉक्टर्स की हड़ताल की वजह से न तो ओपीडी चल रही है और न ही नए मरीज भर्ती किये जा रहे हैं. कमरों में ताले लटके हुए हैं और हड़ताली डॉक्टर्स अपने अपने अस्पतालों के बाहर धरना प्रदर्शन व नारेबाजी कर रहे हैं.
डॉक्टर्स की यह हड़ताल मरीजों की ज़िंदगी व उनकी सेहत पर भारी पड़ती जा रही है. सबसे ज़्यादा दिक्कत मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज से जुड़े स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में आने वाले मरीजों को हो रही है.
स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल प्रयागराज और आस पास के तमाम जिलों का इकलौता रेफरल हॉस्पिटल है. यहां यूपी के कई जिलों के साथ ही एमपी से भी मरीज अपने इलाज के लिए आते हैं. यहां के मरीजों को आज चौथे दिन भी मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है. परेशान मरीज हड़ताली डॉक्टर्स से काम पर वापस लौटने की अपील कर रहे हैं, लेकिन धरती के भगवान कतई पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.
बता दें कि पश्चिम बंगाल में हाल में डॉक्टरों पर हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आज देश भर में गैर जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को रद्द करने के साथ वह अपनी हड़ताल की दिशा में आगे बढ़ेगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एक दिन पहले राज्यों से डॉक्टरों एवं मेडिकल पेशेवरों की किसी भी प्रकार की हिंसा से सुरक्षा के लिये विशेष कानून लागू करने पर विचार करने को कहा था जिसके बाद आईएमए की यह घोषणा सामने आयी है. बंगाल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का आज 7वां दिन है.
यूपी: नवजात बेटी की मौत से दुखी मां ने अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दी
मथुरा: ताजमहल देखने जा रहे एक ही परिवार के आठ लोगों की सड़क हादसे में मौत
यूपी: संतों ने कहा, शिवसेना प्रमुख अयोध्या को 'अखाड़ा' न बनाएं, मुस्लिम भी खफा
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























