पैतृक गांव में हुआ दरवेश यादव का अंतिम संस्कार, पश्चिमी यूपी की अदालतों में कामकाज ठप
दरवेश सिंह यादव हत्याकांड पर सीएम योगी ने दुख जताया है तो वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर उन पर निशाना साधा है.

एटा: उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की आगरा में एक समारोह के दौरान हत्या किए जाने के बाद गुरूवार को उनके पैतृक गांव चांदपुर में उनका अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार में प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कानून मंत्री बृजेश पाठक शामिल हुए. भारी संख्या में अधिवक्ताओं, नेताओं, अधिकारियों और आम लोगों ने दरवेश यादव को श्रद्धांजलि दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या को दुखद बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया.
उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने आगरा के जिलाधिकारी को तत्काल घटना के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रभावी विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बार काउंसिल, बार एसोसिएशन व न्यायपालिका के साथ राज्य सरकार, उच्च न्यायलय परिसर व जिला न्यायलयों के परिसर में समुचित सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को स्पष्ट निर्देश दिये गए हैं. न्यायालय परिसर में हत्या होना दुखद घटना है. इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर सुरक्षा के सभी मानकों को अपनाते हुए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी.
दरवेश यादव को श्रद्धांजलि देने और उनके परिजनों से मिलने पहुंचे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इतनी दुखदायी और इतनी बड़ी घटना है, जिसकी कल्पना कभी कोई नहीं कर सकता. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'इस सरकार से न्याय का भरोसा जनता नहीं कर सकती है. मैं चाहूंगा कि राज्यपाल से मिलकर यह मुद्दा उठाऊं, क्योंकि बंगाल का वो (भाजपा) मुद्दा उठा रहे हैं. आप बताइए उत्तर प्रदेश में क्या कानून व्यवस्था बची है. बंगाल में तो वो सरकार गिराना चाहते हैं. तो यहां के राज्यपाल क्या कर रहे हैं... यहां की सरकार नहीं हटनी चाहिए क्या?'
अखिलेश ने कहा, 'कम से कम गवर्नर साहब इस बात को कहें कि आज उत्तर प्रदेश किनके हाथों में है और क्यों आम जनता की सुरक्षा उत्तर प्रदेश में नहीं हो पा रही है.' इस बीच, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अदालतों में गुरूवार को कामकाज ठप हो गया क्योंकि वकीलों ने हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया.
मुजफ्फरनगर के जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष सैयद नसीर हैदर ने कहा कि वकीलों ने एक शोकसभा में घटना की निंदा की. बहिष्कार का आह्वान राज्य बार काउंसिल ने किया था. बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर और शामली में न्यायिक कामकाज प्रभावित रहा.




















