हवाईजहाज और कार का शौक रखते थे जालसाज, एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर साफ कर देते थे सारे पैसे
जालसाजों के पास से स्कीमर डिवाइस बरामद हुई है. जिससे ये एटीएम कार्ड को स्वैप और बारकोड रीड कर पूरा डाटा चुरा लेते थे. गिरोह का हर सदस्य 15 दिन में एक लाख रुपए तक जालसाजी के कमा लेता था.

गोरखपुर: अभी तक एटीएम कार्ड बदलकर जालसाजी का शिकार बनाने वाले गिरोह के बारे में आपने सुना होगा. लेकिन, अब सावधान हो जाइए. क्योंकि महंगे शौक रखने वाले ये जालसाज हवाईजहाज और कार से कई राज्यों के अलग-अलग शहरों में आकर महंगे होटलों में रुकते हैं. ये जालसाज एटीएम कार्ड को स्वैप कर उसका पूरा डाटा चोरी कर लेते हैं और कुछ ही पलों में एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लेते हैं. उसके बाद वे झांसे में आए लोगों का एकाउंट खाली कर उसे कंगाल बना देते हैं. गोरखपुर पुलिस ने ऐसे ही गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है. उसके दो साथी फरार हो गए हैं.

गोरखपुर के एसपी क्राइम अशोक कुमार वर्मा ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि पिछले कई दिनों से लोगों के बैंक खातों से रुपए निकल जाने की शिकायत मिल रही थी. पुलिस की मानें तो शिकायतकर्ताओं ने तीन जालसाजों के बारे में बताया था. ये जालसाज एटीएम कार्ड को स्वैप कर सारे डाटा को चोरी कर लेते थे.
मुखबिर की सूचना पर शाहपुर पुलिस, स्वाट टीम और क्राइम ब्रांच ने शाहपुर इलाके के पादरी बाजार के पास एसबीआई के एटीएम के पास खड़े तीन लोगों की घेराबंदी की. एक आरोपी बिहार के नवादा जिला के रहने वाले निकेश कुमार सिंह उर्फ मनीष कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. एसपी क्राइम के मुताबिक आरोपी निकेश के दो साथी बिहार के पटना का रहने वाला विमलेश कुमार और भूषण कुमार मौके से फरार हो गए.

पुलिस ने इनके पास से एटीएम कार्ड स्कैन करने वाली एक अदद स्कीमर डिवाइस, सात अदद एटीएम क्लोन कार्ड, एक हुंडई क्रेटा कार, एक सोने की चेन, 3,750 रुपए नकद बरामद किया है. एसपी क्राइम ने बताया कि इस जालसाज गिरोह हर सदस्य एक महीने में दो लाख रुपए जालसाजी कर कमा लेता था. उन्होंने बताया कि निकेश ने पूछताछ में बताया कि महंगे शौक रखने वाले ये तीनों गिरोह के सदस्य हवाई जहाज और कार से दूसरे शहरों में जाते थे. महंगे होटलों में रुकते थे और ऐसी एटीएम मशीन पर पहुंचते थे जो खराब है और वहां मौजूद लोगों को एटीएम कार्ड लेकर उसे स्कीमर डिवाइस में स्वैप कर बारकोड रीडर से उसका पूरा डेटा ब्लूटूथ से मोबाइल और फिर लैपटॉप में ले लेते थे. कार्ड स्वैप करने के दौरान ही ये पीड़ित का एटीएम पासवर्ड देखकर याद कर लेते रहे हैं. सीओ क्राइम प्रवीण कुमार ने बताया कि दो आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है. ये गिरोह काफी हाईफाई और महंगे शौक रखने वाला है. अभी तक सीवीवी नंबर और पिनकोड और एटीएम कार्ड बदलकर इस तरह के फ्रॉड होते रहे हैं. लेकिन, ये पहली बार है कि जालसाजों के पास से स्कीमर डिवाइस बरामद हुई है. जिससे ये एटीएम कार्ड को स्वैप कर बारकोड रीड कर पूरा डाटा चुरा लेते थे. गिरोह का हर सदस्य 15 दिन में एक लाख रुपए तक जालसाजी के कमा लेता था.

ये पहली बार है कि एटीएम से फॉड करने वाले गिरोह के सदस्यों के हवाईजहाज से आकर जालसाजी करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शाहपुर थाने में आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, और 66 आईटी एक्ट और गोरखनाथ थाने में धारा 419 और 397 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया है.
सीओ क्राइम ने बताया कि पुलिस की गिरफ्त में खड़े जालसाज निकेश कुमार ने मीडिया के सामने भी अपना जुर्म कुबूल कर लिया. उसने बताया कि वे जालसाजी से हर माह 2 लाख रुपए कमा लेता था. उसने बताया कि जिन लोगों को एटीएम कार्ड यूज करना नहीं आता था, उसके साथ वे फ्रॉड करते रहे हैं. वे अब तक 35 से 40 लोगों को अपना शिकार बना चुका है. उसने बताया कि उसके गिरोह के साथियों ने ही उसे इस तरह से फ्रॉड करने का तरीका बताया था. उन्होंने बताया कि ये ज्यादातर रात 12 बजे के 5 मिनट पहले और 5 मिनट बाद एटीएम कार्ड के क्लोन से रुपए निकालते रहे हैं. जिससे वे ज्यादा से ज्यादा रुपए का ट्रांजेक्शन कर सकें.
पुलिस ने हालांकि ये बड़ा खुलासा कर एटीएम फ्रॉड का शिकार बनने वाले लोगों को राहत दी है. लेकिन, ऐसे हाईफाई गिरोह के फरार सदस्यों को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है.
Source: IOCL

























