उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार, गठबंधन की झोली में कैराना-नूरपुर सीट
कैराना लोकसभा उपचुनाव में जीत के साथ 16वीं लोकसभा में आरएलडी ने अपना खाता खोल लिया है. वहीं, नूरपुर सीट में जीत के साथ राज्य विधानसभा में एसपी सदस्यों की संख्या बढ़कर 48 हो गयी है.

लखनऊ: गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनावों की हार के बाद यूपी की कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भी बीजेपी को विपक्षी पार्टियों से हार मिली है. दोनों सीटों पर हुए उपचुनाव में एसपी और आरएलडी गठबंधन के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है.
चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक कैराना लोकसभा उपचुनाव में आरएलडी उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने अपनी निकटतम विरोधी बीजेपी कैंडिडेंट मृगांका सिंह को 44618 मतों से हराया. तबस्सुम को 481182 और मृगांका को 436564 वोट मिले. दूसरी ओर नूरपुर विधानसभा सीट पर एसपी उम्मीदवार ईमुल हसन ने अपनी निकटतम विरोधी बीजेपी की अवनी सिंह को 5662 मतों से शिकस्त दी. हसन को 94875 जबकि अवनी को 89213 वोट मिले.
आरएलडी का खुला खाता
कैराना लोकसभा उपचुनाव में जीत के साथ 16वीं लोकसभा में आरएलडी ने अपना खाता खोल लिया है. वहीं, नूरपुर सीट में जीत के साथ राज्य विधानसभा में एसपी सदस्यों की संख्या बढ़कर 48 हो गयी है.
कैराना सीट पर एसपी ने आरएलडी उम्मीदवार को समर्थन दिया था. वहीं, नूरपुर में आरएलडी ने एसपी का सहयोग किया. इन दोनों ही सीटों के उपचुनाव के लिये 28 मई को वोटिंग हुई थी. मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी की शिकायतें आयी थीं. कैराना सीट पर 30 मई को 73 मतदान केन्द्रों पर दोबारा वोटिंग हुई.
तबस्सुम ने बताया जनता की जीत
कैराना उपचुनाव जीतीं तबस्सुम ने इसे जनता की जीत करार देते हुए इसके लिये आरएलडी, एसपी, बीएसपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया है.
एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव में एसपी-आरएलडी गठबंधन के उम्मीदवारों की कामयाबी के लिये जनता तथा सभी सहयोगी दलों को धन्यवाद दिया. बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ''जनता ने देश को बांटने वाली राजनीति करने वालों को करारा जवाब दिया है.''
जयंत चौधरी ने बोला बीजेपी पर हमला
अपनी प्रत्याशी को मिली जीत के बाद आरएलडी उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि ''जो लोग साम्प्रदायिकता फैलाकर जीतना चाह रहे थे, उनके एजेंडा को जनता ने नकार दिया है. इस उपचुनाव में हर व्यक्ति ने कहा कि जिन्ना नहीं गन्ना चलेगा.''
उन्होंने आगे कहा कि केन्द्र में कहने को तो सरकार है लेकिन इस वक्त देश को एक-दो लोग ही चला रहे हैं. हर बात में पीएम मोदी का ही नाम लिया जाता है. अगर उपलब्धियां एक व्यक्ति की हैं तो नाकामी पर लोग पूछेंगे कि वह लहर कहां चली गयी. चार साल की सरकार में आपने जनता को छला है. हम अगले चुनाव में भी इन्हीं बातों को लेकर चलेंगे और बीजेपी से सवाल पूछेंगे.
दिखाई दी गठबंधन की ताकत
चुनाव में हार के बाद बीजेपी उम्मीदवार मृगांका ने कहा कि वह नतीजों से निराश जरूर हैं, मगर हताश नहीं. हम कहीं ना कहीं केन्द्र और उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकारों की उपलब्धियों को आम लोगों को समझा नहीं पाए. उन्होंने माना कि उपचुनाव में विपक्षी दलों के गठबंधन की ताकत दिखाई दी. बीजेपी को उससे निपटने के लिये खुद को और तैयार करना होगा.
इस बीच, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि कैराना में विपक्ष पिछले डेढ़-दो सालों से जातीय उन्माद फैलाने का काम कर रहा था. बीजेपी ऐसी राजनीति नहीं करती. उन्होंने कहा कि चूंकि विपक्ष राजनीतिक बेरोजगारी की स्थिति में है, लिहाजा वह जीत के लिये हर हथकंडा अपना रहा है. हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत चुनाव लड़ रहे थे, आगे भी लड़ेंगे और जीतकर आएंगे.
कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के फरवरी में निधन के कारण कराया गया था. वहीं, नूरपुर में बीजेपी विधायक लोकेन्द्र सिंह चौहान की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के कारण उपचुनाव हुआ है.
Source: IOCL



























