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केंद्र सरकार का यूपी में राष्ट्रपति शासन से इंकार नहीं- सूत्र

नई दिल्लीः सीएम अखिलेश यादव को पार्टी से बाहर करने के बाद राज्यपाल राम नाईक का बड़ा बयान आया है. राज्यापाल ने कहा है कि फिलहाल कोई संवैधानिक संकट नही है. वो मौजूदा हालात पर नज़र बनाए हुए हैं औऱ पल पल की जानकारी ले रहे हैं. वहीं केंद्र सरकार के सूत्रों के हवाले से खबर है कि केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने से इंकार नहीं कर रहा है, जिसका मतलब है कि अहर राज्य में राष्ट्रपति शासन की स्थिति बनती हैं तो केंद्र सरकार ऐसा कदम उठा सकता है. ये बयान इसलिए अहम है क्योंकि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश को बाहर करने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वो सीएम बने रहेंगे या तुरन्त पद छोड़ना पड़ेगा. जानकारों की राय भी राज्यपाल राम नाईक की राय से अलग नही है. सवाल ये है कि पार्टी से मुख्यमंत्री के निष्कासन के बाद अब संवैधानिक स्थिति क्या है? निष्कासन के बाद भी सीएम की कुर्सी पर बने रहने का संवैधानिक तरीका क्या हो सकता है? जानकार मानते हैं कि यूपी में संवैधानिक संकट नही है. उनका मानना है कि मुलायम सिंह यादव तय नही कर सकते कि कौन सीएम रहेगा. सीएम को बिना फ्लोर टेस्ट के नही हटाया जा सकता. अगर राज्यपाल को ये लगता है कि पार्टी से निष्कासन के बाद मुख्यमंत्री के पास बहुमत नही है तो वो उन्हें बहुमत साबित करने के लिए कह सकते हैं. फ्लोर टेस्ट ही तय करेगा कि मुख्यमंत्री बने रहेंगे या नही.
ऐसा बताया जा रहा है कि अखिलेश के पास ज्यादा विधायकों का समर्थन है. लेकिन असली संकट तब खड़ा होगा अगर अखिलेश यादव के पिता औऱ सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव खुद को मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करे दें. तब विधायकों के सामने भी दुविधा की स्थिति होगी. दूसरी स्थिति ये भी हो सकती है कि निष्कासन के बाद अखिलेश यादव खुद इस्तीफा देकर विधानसभा भंग कर जल्द चुनाव की सिफारिश कर दें. जाहिर है पल पल बदल रही यूपी की राजनीति में अभी कई दांव खेले जाने बाकी हैं. और पढ़ें
Source: IOCL
























